पानी की मात्रा बढ़ी, फिर भी किसान आशंकित, किसानों का महापड़ाव तीसरे दिन भी जारी
जिला कलक्ट्रेट के सामने किसानों का महापड़ाव मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। वहीं कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट किसानों की ओर से बंद कर देने से अधिकारी और कर्मचारी जिला कारागृह की दीवार वाले गेट से आ-जा रहे हैं। दूसरी ओर गंगनहर में पानी की मात्रा बढऩे लगी है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे गंगनहर की आरडी 45 पर 2170 और खखां हैड पर 1400 क्यूसेक पानी की आपूर्ति हो रही थी। पंजाब से पानी मात्रा धीरे-धीरे बढऩे के बाद भी किसान आशंकित हैं। उनका मानना है कि अब पंजाब सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता। किसान कलक्ट्रेट का घेराव कर महापड़ाव पर डटे हुए हैं। किसानों के दल महापड़ाव स्थल पर डेरा डाले हुए हैं, वहीं किसानों के नेता हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि शेेेेेयर के मुताबिक जब तक उन्हें सिंचाई पानी नहीं मिल जाता, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। मंगलवार को महापड़ाव स्थल पर रणजीत सिंह राजू, संतवीर सिंह मोहनपुरा, रामकुमार सहारण, विक्रम जीत सिंह, रिछपाल सिंह, टेल सिंह, लाभ सिंह, गिलेक्सी बराड़ व गुरप्रीत सिंह पड्डा सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
आंदोलन चल रहा है या कोई भंडारा!
महापड़ाव डालकर बैठे किसानों के लिए गुरुद्वारा साहिब की ओर से लंगर की व्यवस्था की जा रही है। वहीं गांवों से भी भोजन तैयार करवाकर भिजवाया जा रहा है। पड़ाव स्थल पर दिल्ली आंदोलन की तरह लस्सी, कड़ी-चावल, पराठे, ब्रेड पकौडे और हलवा तक बंटवाया जा रहा है। भोजन वितरण के दौरान ऐसा महसूस होता है कि यहांं आंदोलन चल रहा है या कोई भंडारा। सेवादार भोजन वितरण के बाद डिस्पोजल तक का खुद निस्तारण कर रहे हैं।




