उदयपुर में उपलब्ध हुई कम्पोस्टेबल पॉलिथीन की थैली
लम्बे समय से देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के सरकार के प्रयासों में कम्पोस्टेबल पॉलिथीन का एक विकल्प जुड़ा है। इस दिशा में बढ़ते हुए ईजी फ्लक्स पॉलीमर्स ने कम्पोस्टेबल प्रोडक्ट विकसित किए हैं। इनमंे कैरी बैग, गार्बेज बैग, ग्रोसरी बैग के अलावा थाली, कटोरी, चम्मच, ंकप आदि शामिल हैं। यह उत्पाद उदयपुर में भी पसंद किए जा रहे हैं और पर्यावरण प्रेमी इन उत्पादों को रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बना रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
अन्तरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग फ्री डे पर सोमवार को ही उदयपुर में कम्पोस्टेबल प्रोडक्ट का राजस्थान में पहला आउटलेट शुरू हुआ है। चेतक सर्कल स्थित नेचर्स ब्लैण्ड पर यह उत्पाद उपलब्ध हुआ है। उत्पाद को लाने वाले ईजी फ्लक्स पॉलीमर्स के निदेशक अशोक बोहरा बताते हैं कि ऐसे सभी उत्पाद को विकसित करने का प्रयास किया रहा है, जो प्लास्टिक का विकल्प हो सकते हैं।
वे बताते हैं कि एक जनवरी 2023 से सरकार ने 120 माइक्रोन से कम थिकनेस वाली पॉलिथीन को बैन कर दिया है। कम्पोस्टेबल प्रोडक्ट पर यह लागू नहीं होती, क्योंकि छह माह में कम्पोस्टेबल प्रोडक्ट गल कर खाद में तब्दील हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि तुलनात्मक रूप से कैरी बैग बाजार में उपलब्ध पॉलिथीन वाले कैरीबैग से सस्ता पड़ता है। इसकी लागत जरूर ज्यादा है, लेकिन थिकनेस कम होने से एक किलो में माल ज्यादा तुलता है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने जानकारी दी कि डेढ़ किलो क्षमता वाली बाजार में उपलब्ध सामान्य थैली यदि एक किलो में 100 तुलती है तो कम्पोस्टेबल थैली 180 से 200 तुलती है। सामान्य थैली की दर 150 प्लस जीएसटी है और कम्पोस्टेबल थैली की दर 180 प्लस जीएसटी है। अन्य उत्पादों की तुलना में थैलियों की खपत ज्यादा है, ऐसे में यदि थैलियों में ही प्रदूषणरहित विकल्प लोग अपनाने लगेंगे तब भी हम काफी स्तर तक पॉलिथीन प्रदूषण को नियंत्रित करने में सफल हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा सरकार द्वारा स्ट्रा पर जुलाई 2022 से बैन लगा रखा है, लेकिन इसके बावजूद उसका बेधड़क उत्पादन हो रहा है। ईजी फ्लैक्स पॉलीमर्स स्ट्रा के कम्पोस्टेबल विकल्प का उत्पादन भी आगामी माह से प्रारम्भ कर रहा है। कंपनी के निदेशक आदित्य बोहरा ने बताया कि ईजी फ्लक्स स्टार्टअप प्लास्टिक का विकल्प विकसित करने में मदद कर रहा है।




