सिलीगुड़ी से अमित शाह का हुंकार: ममता सरकार को बताया देश की सबसे भ्रष्ट सरकार, बंगाल में परिवर्तन का आह्वान
सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी की धरती से चुनावी शंखनाद करते हुए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। भाजपा कार्यकर्ताओं के विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब अत्याचार और भ्रष्टाचार से ऊब चुकी है और आने वाले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। सिलीगुड़ी के इस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम को शाह के बंगाल मिशन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां उन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरा बल्कि ममता सरकार की विदाई का रोडमैप भी पेश किया।
अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत ही भ्रष्टाचार के मुद्दे से की। उन्होंने सीधे तौर पर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया। गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल में विकास की योजनाएं आम आदमी तक पहुंचने के बजाय तृणमूल के सिंडिकेट और ‘कट मनी’ संस्कृति की भेंट चढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा भर्ती घोटाला हो या राशन वितरण में अनियमितताएं, बंगाल की सरकार ने भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। शाह ने जनता को याद दिलाया कि किस तरह सरकारी तिजोरी का पैसा आम लोगों की भलाई में लगने के बजाय सत्ताधारी दल के नेताओं के घरों से बरामद हो रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की यह हालत देखकर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की आत्मा आज रो रही होगी।
उत्तर बंगाल के केंद्र सिलीगुड़ी में खड़े होकर अमित शाह ने स्थानीय मुद्दों को भी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा। उन्होंने घुसपैठ के संवेदनशील मुद्दे पर ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण बंगाल की जनसांख्यिकी से खिलवाड़ किया जा रहा है। शाह ने जोर देकर कहा कि ममता बनर्जी की सरकार घुसपैठियों के लिए रेड कार्पेट बिछाती है, जबकि असली नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि भाजपा की सरकार बनते ही सीमा पार से होने वाली हर अवैध गतिविधि को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और बंगाल की सुरक्षा को चाक-चौबंद किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर बंगाल का विकास भाजपा की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है और इसे अलगाववाद नहीं बल्कि मुख्यधारा के विकास से जोड़ा जाएगा।
गृह मंत्री ने भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता और पिछले चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए टीएमसी के खेमे में खलबली मचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 2019 और 2021 के चुनावों में बंगाल की जनता ने भाजपा को जो प्यार दिया, वह इस बात का प्रमाण है कि परिवर्तन अब दूर नहीं है। शाह ने दावा किया कि इस बार भाजपा केवल चुनाव लड़ने नहीं बल्कि बंगाल की पहचान और संस्कृति को बचाने के लिए मैदान में है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे हर घर तक जाकर ममता सरकार के कुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किए गए लोक कल्याणकारी कार्यों का प्रचार करें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा और टीएमसी का गुंडाराज हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।
अमित शाह के इस दौरे ने बंगाल भाजपा के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेष रूप से उत्तर बंगाल के क्षेत्रों में, जहां भाजपा का आधार पहले से ही मजबूत है, शाह के कड़े रुख ने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का काम किया है। अपने भाषण के अंत में गृह मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ममता दीदी कितना भी अवरोध पैदा कर लें, वे बंगाल के लोगों की आकांक्षाओं को नहीं दबा पाएंगी। उन्होंने कहा कि हिंसा और डराने-धमकाने की राजनीति के दिन अब लद चुके हैं और आने वाले चुनाव में मतपेटियों से निकलने वाला जनादेश टीएमसी के पतन की कहानी लिखेगा। सिलीगुड़ी की यह सभा स्पष्ट कर गई कि भाजपा आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरने की अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाने वाली है।