धर्मेंद्र नहीं रहे: 450 करोड़ की जायदाद का असली वारिस कौन? 6 बच्चों में कैसे बंटेगा सब कुछ
मुंबई, 24 नवंबर 2025: बॉलीवुड के “ही-मैन” की मुस्कान हमेशा के लिए खामोश हो गई। धर्मेंद्र का निधन हो गया। 88 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद आज सुबह उन्होंने आखिरी सांस ली। जुहू स्थित उनके बंगले के बाहर फैंस की भीड़ और सितारों का मातम। लेकिन जिस खबर ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी, वो है उनकी 400-450 करोड़ की संपत्ति। दो शादियां, छह बच्चे, पहली पत्नी और एक “गैर-कानूनी” दूसरी शादी। सवाल सबके मन में एक ही – ये अरबों की जायदाद आखिर जाएगी किसके पास? सनी-बॉबी को पूरा हक मिलेगा या ईशा-आहना भी बराबर की हिस्सेदार होंगी? कानून क्या कहता है, और क्या वसीयत बदल सकती है सारा खेल?
दो शादियां, छह बच्चे, एक सवाल: कानून किसे मानेगा असली वारिस?
धर्मेंद्र की संपत्ति में जुहू का आलीशान बंगला, खंडाला-लोनावला के फार्महाउस, पंजाब में जमीनें और ‘गरम धर्म’ रेस्टोरेंट चेन शामिल है। पहली पत्नी प्रकाश कौर से चार बच्चे – सनी, बॉबी, विजेता और अजीता। दूसरी पत्नी हेमा मालिनी से ईशा और आहना। कानून की नजर में धर्मेंद्र की हेमा मालिनी से शादी “अमान्य” (Void) है क्योंकि पहली शादी कभी खत्म नहीं हुई। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का 2023 का ऐतिहासिक फैसला (रेवनसिद्दप्पा बनाम मल्लिकार्जुन) सब बदल देता है। इस फैसले ने साफ कर दिया – भले शादी अमान्य हो, उससे पैदा हुए बच्चे पूरी तरह वैध हैं और माता-पिता की संपत्ति में बराबर का हक रखते हैं। यानी कानून की नजर में ईशा और आहना भी सनी-बॉबी के बराबर हैं।
450 करोड़ का हिसाब: सभी 6 बच्चों को बराबर हिस्सा, हेमा को कुछ नहीं?
दिल्ली हाईकोर्ट के वकील कमलेश कुमार मिश्रा ने साफ किया – हिंदू उत्तराधिकार कानून की धारा 16 के तहत ईशा और आहना देओल को धर्मेंद्र की स्व-अर्जित और पैतृक दोनों तरह की संपत्ति में पूरा हक मिलेगा। मृत्यु के ठीक पहले “काल्पनिक बंटवारा” मान लिया जाता है। उसमें धर्मेंद्र को जो हिस्सा मिलता, वो उनकी संपत्ति मानी जाती है। फिर वो संपत्ति उनके सभी क्लास-1 वारिसों में बराबर बंटती है। अभी क्लास-1 वारिस हैं – पहली पत्नी प्रकाश कौर (यदि जीवित हैं) और छह बच्चे। यानी कुल 7 लोग। अगर प्रकाश कौर जीवित हैं तो 7 बराबर हिस्से, नहीं तो 6 बराबर हिस्से। हेमा मालिनी को कुछ नहीं मिलेगा, क्योंकि कानून उन्हें पत्नी नहीं मानता। सिर्फ वसीयत हो तो अलग बात।
वसीयत का ट्विस्ट: अगर धर्मेंद्र ने लिखी होगी तो सारा खेल पलट सकता है
कानूनी विशेषज्ञ बता रहे हैं – अगर धर्मेंद्र ने वसीयत कर रखी है तो सारा गणित बदल जाएगा। हिंदू व्यक्ति को अपनी स्व-अर्जित संपत्ति में 100% वसीयत करने का अधिकार है। पैतृक संपत्ति में भी अपना हिस्सा वसीयत कर सकता है। सूत्रों का दावा है कि धर्मेंद्र ने सालों पहले वसीयत की थी, लेकिन उसका कंटेंट अभी तक परिवार ने सार्वजनिक नहीं किया। अगर वसीयत में हेमा मालिनी या उनकी बेटियों को ज्यादा हिस्सा दिया गया तो कानूनी लड़ाई तय है। सनी-बॉबी और प्रकाश कौर पक्ष कोर्ट जा सकता है। बॉलीवुड में पहले भी सुपरस्टार्स की वसीयत को लेकर कोर्ट में लंबी जंग देखी गई है। अब नजर इस बात पर है कि क्या धर्मेंद्र ने आखिरी समय में कुछ बदला या नहीं। 450 करोड़ की इस जंग में अभी बहुत कुछ बाकी है।