तिरुवनंतपुरम में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य रोड शो: विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ विपक्ष पर साधा निशाना, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए गिनाईं उपलब्धियां
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य स्वागत और विकास के नारों से गूंज उठी। चुनावी सुगबुगाहट के बीच प्रधानमंत्री ने शहर के थंपानूर ओवरब्रिज से लेकर पुथरिकंडम मैदान तक एक विशाल रोड शो किया, जिसमें भारी जनसैलाब उमड़ा। सड़कों के दोनों ओर खड़े हजारों लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने न केवल राज्य की जनता से जुड़ाव महसूस किया, बल्कि केंद्र सरकार की पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत खाका भी पेश किया। इस दौरे का मुख्य केंद्र बिंदु विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास रहा, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री ने केरल के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। पुथरिकंडम मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए एकजुट होकर प्रयास कर रहा है और इस महायज्ञ में हमारे शहरों की भूमिका सबसे निर्णायक होने वाली है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत शहरी बुनियादी ढांचे के कायाकल्प से की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और मूलभूत सुविधाओं पर जितना निवेश किया है, वह अभूतपूर्व है। मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हमारे शहर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे और वहां रहने वाले गरीब परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए किए गए कार्यों का विवरण देते हुए बताया कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत अब तक देश में चार करोड़ से अधिक पक्के घर बनाकर गरीबों को सौंपे जा चुके हैं। शहरी गरीबों की बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि एक करोड़ से अधिक घर विशेष रूप से शहरों में रहने वाले वंचित वर्ग के लिए बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने इस दौरान केरल के आंकड़ों पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य के सवा लाख शहरी गरीब परिवारों को केंद्र की नीतियों के कारण उनका अपना पक्का घर नसीब हुआ है, जो उनके आत्मसम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है।
विकास की इस कड़ी में प्रधानमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं की लंबी सूची साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घर देना नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन से आर्थिक बोझ को कम करना भी है। इसी उद्देश्य के साथ ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की शुरुआत की गई है, जिससे गरीब परिवारों के बिजली बिलों में बड़ी बचत हो रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत करोड़ों लोगों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से नारी शक्ति के स्वास्थ्य और सुरक्षा की चर्चा करते हुए ‘मातृ वंदना’ जैसी योजनाओं को महिला सशक्तिकरण का आधार बताया। उन्होंने केरल के मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को राहत देने वाली कर नीति का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने गर्व से कहा कि केंद्र सरकार ने अब 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त कर दिया है, जिसका सीधा लाभ केरल के लाखों परिवारों को मिल रहा है। उनके अनुसार, यह कदम मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा और अर्थव्यवस्था को गति देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में वित्तीय समावेश (फाइनेंशियल इंक्लूजन) को अपनी सरकार की सबसे बड़ी सफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में करोड़ों ऐसे भारतीयों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है जो कभी बैंक की दहलीज तक नहीं पहुंच पाते थे। उन्होंने रेखांकित किया कि आज दलित, पिछड़े, आदिवासी, महिलाएं और मछुआरे बिना किसी हिचकिचाहट के बैंक से ऋण प्राप्त कर रहे हैं। मोदी ने भावनात्मक स्वर में कहा कि इन वर्गों के पास बैंक को देने के लिए कोई गारंटर नहीं था, ऐसे में उनकी सरकार ने खुद आगे बढ़कर इन गरीबों की गारंटी ली है। इसी कड़ी में उन्होंने ‘पीएम स्वनिधि’ योजना के विस्तार की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम में एक लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित किए और ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पहले क्रेडिट कार्ड केवल अमीरों की पहचान हुआ करते थे, लेकिन अब रेहड़ी-पटरी वालों के हाथ में भी क्रेडिट कार्ड होंगे। इस योजना के तहत केरल के 10 हजार और अकेले तिरुवनंतपुरम के 600 रेहड़ी-पटरी वालों को क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं, जो उन्हें साहूकारों के चंगुल से मुक्त कर सम्मानजनक तरीके से व्यवसाय करने की शक्ति प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री ने रेहड़ी-पटरी वालों की पिछली सरकारों के समय की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इन लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं था, लेकिन पीएम स्वनिधि योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी है। अब उन्हें बैंकों से आसानी से मदद मिल रही है, जिससे वे अपने छोटे व्यवसाय को बढ़ा पा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केरल की जनता केंद्र सरकार की इन योजनाओं के प्रभाव को देख रही है और आने वाले समय में यह विकास यात्रा और भी तीव्र होगी। प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि केंद्र सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ देश के हर कोने, विशेषकर दक्षिण भारत के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। रोड शो और रैली के दौरान जनता का उत्साह देखकर यह स्पष्ट था कि प्रधानमंत्री की बातें सीधे लोगों के दिलों तक पहुंच रही हैं।