• January 31, 2026

सफेद चादर में लिपटा हिमाचल: सीजन की पहली भारी बर्फबारी से थमा जनजीवन, 563 सड़कें बंद और 4 लोगों की मौत

शिमला: हिमाचल प्रदेश में पिछले चार महीनों से जारी सूखे का लंबा स्पैल आखिरकार खत्म हो गया है, लेकिन इसके साथ ही कुदरत का रौद्र रूप भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सीजन का पहला और भारी हिमपात हुआ, जिसने जहां एक ओर पर्यटन उद्योग और किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी ओर सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला, मनाली, डलहौजी और कुफरी समेत राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल बर्फ की सफेद चादर में ढक गए हैं। हालांकि, इस बर्फबारी ने अपने साथ तबाही का मंजर भी लाया है। भारी बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की जान चली गई है, जबकि सैकड़ों पर्यटक और स्थानीय लोग बर्फीले रास्तों में फंसे हुए हैं।

प्रदेश में बर्फबारी का असर इतना व्यापक है कि पांच राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) सहित कुल 563 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। राजधानी शिमला का संपर्क ऊपरी इलाकों से कट गया है। परिवहन सेवाएं ठप होने के कारण दूध, ब्रेड और सब्जियों जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है। बिजली बोर्ड के अनुसार, राज्य भर में 10,384 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए हैं। शिमला और लाहौल-स्पीति में बर्फीले तूफान ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने से रेल और सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण ट्रेनों की आवाजाही तीन से चार घंटे तक प्रभावित रही।

बर्फबारी के बीच प्रदेश से बेहद दुखद खबरें भी सामने आईं। सोलन जिले के गोल गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी हिमानी की उस समय मौत हो गई जब वह दूध लेकर घर लौट रही थी और पहाड़ी से अचानक गिरी एक विशाल चट्टान की चपेट में आ गई। वहीं, कुल्लू के मनाली में भारी जाम के कारण एक गंभीर मरीज ने एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया। ऊना निवासी इस मरीज को प्रीणी से मनाली रेफर किया गया था, लेकिन बर्फ के कारण लगे मीलों लंबे जाम ने उनकी जान ले ली। इसके अतिरिक्त, कांगड़ा के डमटाल में एक व्यक्ति की ठंड से मौत का अंदेशा जताया गया है और मंडी जिले में एक ट्रक के खड्ड में गिरने से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। भरमौर क्षेत्र में दो युवकों के लापता होने की भी खबर है, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।

सैलानियों के लिए यह बर्फबारी किसी सपने के सच होने जैसी रही, लेकिन कई स्थानों पर यह मुसीबत का सबब बन गई। कुफरी और फागू के बीच बर्फ में फंसे लगभग 100 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि आनी के रघुपुरगढ़ से 48 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। मनाली में विंटर कार्निवल के सभी रंगारंग कार्यक्रम खराब मौसम के चलते रद्द कर दिए गए हैं। मनाली और बंजार उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में प्रशासन ने अवकाश घोषित कर दिया है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि वे ऊंचाई वाले और हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शिमला में तीन साल बाद जनवरी के एक ही दिन में पूरे महीने के बराबर बर्फबारी दर्ज की गई है। शुक्रवार को शिमला में 25.3 सेंटीमीटर बर्फ गिरी, जबकि पिछले दो-तीन सालों में जनवरी के पूरे महीने में भी इतनी बर्फबारी नहीं देखी गई थी। रोहतांग दर्रे में सबसे अधिक 120 सेंटीमीटर (करीब 4 फीट) बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि अटल टनल के पास 90 सेंटीमीटर और मनाली में 45 सेंटीमीटर बर्फ जमी है। तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। ताबो में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.2 डिग्री नीचे चला गया है, जबकि शिमला में यह 0.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।

प्रशासन के लिए अगली बड़ी चुनौती हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा है। मौसम विभाग और प्रशासन ने कुल्लू और लाहौल-स्पीति के 2,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में अगले 24 घंटों के लिए हिमस्खलन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से मनाली-लेह मार्ग, अटल टनल के नॉर्थ और साउथ पोर्टल, और जलोड़ी दर्रा जैसे क्षेत्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। कुल्लू के एडीसी अश्वनी कुमार ने अपील की है कि स्थानीय लोग और पर्यटक किसी भी स्थिति में इन संवेदनशील रास्तों पर सफर न करें।

राहत और बचाव कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग ने भारी मशीनरी तैनात कर दी है। सड़कों से बर्फ हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी और जमा देने वाली ठंड के कारण काम में बाधा आ रही है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके कारण 27 जनवरी को फिर से भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में प्रदेश सरकार और प्रशासन ने सभी विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

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