यूपी में मौसम का यू-टर्न: 22 जनवरी से बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, अगले एक हफ्ते तक बदल जाएगा प्रदेश का मिजाज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रकृति एक बार फिर अपना मिजाज बदलने की तैयारी में है। कड़ाके की ठंड और फिर दिन में चटक धूप के बीच अब प्रदेश के निवासियों को बारिश और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ेगा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, 22 जनवरी की देर शाम से उत्तर प्रदेश में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। इसका व्यापक असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैलेगा। मौसम विभाग ने बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसमी बदलाव से न केवल तापमान में उतार-चढ़ाव आएगा, बल्कि फसलों पर भी इसका मिश्रित असर देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश में जनवरी के अंत में होने वाली यह बारिश सर्दी के जाने के बजाय उसे एक बार फिर नए रूप में वापस लाने का संकेत दे रही है।
पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक और बारिश का चरणबद्ध प्रसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 22 जनवरी की रात से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसमान में बादलों की आवाजाही तेज हो जाएगी। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का केंद्र फिलहाल उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से बृहस्पतिवार की रात से ही छिटपुट बारिश की शुरुआत हो सकती है। यह बारिश का सिलसिला केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 23 जनवरी तक यह पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों को भी पूरी तरह अपनी चपेट में ले लेगा।
23 जनवरी को पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश (Widespread Rainfall) होने की संभावना जताई गई है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में भी मध्यम से तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। हालांकि, 24 जनवरी को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आएगी और 25 जनवरी को आसमान के साफ होने और मौसम के शुष्क होने की उम्मीद है। लेकिन राहत की यह सांस बहुत छोटी होगी, क्योंकि 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं का ‘ऑरेंज अलर्ट’
इस मौसमी बदलाव की सबसे चिंताजनक बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 23 जनवरी को मेघगर्जन के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। हवाओं की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में भारी ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों को नुकसान पहुँचने का डर है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जहां हल्की बारिश गेहूं के लिए वरदान साबित होती है, वहीं ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसल को गिरा सकती हैं, जिससे उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने किसानों को मौसम के प्रति सजग रहने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और सर्दी का नया दौर
मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, बारिश के इस दौर के दौरान उत्तर प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की तात्कालिक वृद्धि दर्ज की जाएगी। यह वृद्धि बादलों के छाए रहने के कारण होगी, जो रात के समय ऊष्मा को बाहर जाने से रोकते हैं। 22 से 24 जनवरी के बीच रातें अपेक्षाकृत कम ठंडी होंगी, लेकिन जैसे ही बारिश रुकेगी और 25 जनवरी के बाद मौसम शुष्क होगा, पारा एक बार फिर गिरेगा।
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि 25 जनवरी के बाद अगले 48 घंटों में तापमान में फिर से उतनी ही गिरावट आएगी, जितनी वृद्धि बारिश के दौरान हुई थी। इसके साथ ही, ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने से गलन वाली सर्दी वापस लौट सकती है। हवा में नमी की अधिकता और कम तापमान के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में घने कोहरे का एक नया दौर भी शुरू हो सकता है, जिससे यातायात और रेल सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।
26 जनवरी से बारिश का दूसरा राउंड: गणतंत्र दिवस पर भी संकट
मौसम विभाग की भविष्यवाणी में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। 25 जनवरी को एक संक्षिप्त राहत मिलने के बाद, 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस से बारिश का दूसरा दौर शुरू होगा। यह अगला पश्चिमी विक्षोभ भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ही प्रवेश करेगा और 27 जनवरी तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुँच जाएगा। इसका प्रभाव अगले एक-दो दिनों तक बना रह सकता है।
गणतंत्र दिवस समारोहों की तैयारी में जुटे प्रशासन के लिए यह पूर्वानुमान चिंता का विषय है। खुले मैदानों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में बारिश और तेज हवाएं बाधा डाल सकती हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि 22 जनवरी से लेकर जनवरी के अंत तक मौसम की पल-पल की जानकारी लेते रहें, क्योंकि यह हफ्ता उत्तर प्रदेश के लिए मौसमी उथल-पुथल से भरा रहने वाला है।
स्वास्थ्य और सतर्कता: बदलता मौसम और बढ़ती बीमारियां
अचानक होने वाली बारिश और तापमान में भारी उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस दौरान वायरल इन्फेक्शन और सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। भीगने से बचें और गर्म पानी का सेवन करें।
प्रशासन ने भी बारिश और हवाओं को देखते हुए बिजली विभाग को हाई अलर्ट पर रखा है, क्योंकि 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं पुराने पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुँचा सकती हैं। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निकायों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल, उत्तर प्रदेश के निवासी एक ऐसे सप्ताह की ओर बढ़ रहे हैं जहां छाता और गरम कपड़े दोनों ही उनकी प्राथमिक जरूरत बने रहेंगे।