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शेफाली वर्मा: वर्ल्ड कप से बाहर से चैंपियन बनाने वाली हीरोइन, किस्मत ने कैसे पलटा खेल

3 नवंबर 2025, नवी मुंबई: वनडे वर्ल्ड कप 2025 की चमक अभी बाकी है, लेकिन इसकी सबसे रोमांचक कहानी शेफाली वर्मा की है। स्क्वाड से दूर, रिजर्व लिस्ट तक न होने वाली यह 21 साल की धुरंधर फाइनल में 87 रनों की तूफानी पारी और दो विकेट लेकर भारत को पहला महिला वनडे टाइटल दिला दी। क्या यह किस्मत थी, या दबे जज्बे का विस्फोट? चोटिल प्रतिका रावल की जगह ‘वाइल्डकार्ड’ एंट्री से फाइनल तक का सफर—हर कदम पर ड्रामा। आइए, इस फेयरीटेल कमबैक की परतें खोलें, जहां एक गर्ल ने इतिहास रच दिया।

स्क्वाड से बाहर का झटका: फॉर्म की दीवार तोड़ी

अगस्त 2025 में वर्ल्ड कप स्क्वाड घोषित हुआ, लेकिन शेफाली वर्मा का नाम न मुख्य टीम में, न रिजर्व लिस्ट में। चयनकर्ताओं ने कहा—हाल के मैचों में अस्थिरता। टी20 में स्टार, लेकिन वनडे में लंबी पारियां न खेल पाईं। 14 इनिंग्स में 277 रन, एवरेज 21.30। श्रीलंका के खिलाफ 50+ तो था, लेकिन निरंतरता की कमी। चीफ सिलेक्टर ने क्वोथा, “टीम रडार पर हैं, लेकिन फॉर्म पर खरी नहीं।” दिल्ली कैपिटल्स में IPL में 304 रन ठोके, लेकिन ODI रिटर्न न मिला। इंग्लैंड T20I कमबैक तो हुआ, लेकिन वनडे में श्रीलंका त्रिकोणीय सीरीज और ऑस्ट्रेलिया A टूर तक इंतजार। यह झटका कड़वा था—शेफाली, जो 2020 में 17 साल की उम्र में डेब्यू कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी, अब साइडलाइन पर। लेकिन किस्मत का खेल बाकी था।

किस्मत का ट्विस्ट: चोट ने खोला दरवाजा, वाइल्डकार्ड एंट्री

वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच में बांग्लादेश के खिलाफ फील्डिंग कर रही प्रतिका रावल टखने से चोटिल। डॉक्टरों ने पूरे टूर्नामेंट से बाहर। टीम मैनेजमेंट ने तुरंत शेफाली को कॉल किया—लगभग एक साल बाद ODI रिटर्न। सेमीफाइनल से पहले ‘पैराशूट’ एंट्री, बिना रिजर्व के। शेफाली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भगवान ने मुझे यहां कुछ अच्छा करने भेजा।” सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिर्फ 10 रन, लेकिन टीम ने जेमिमाह रॉड्रिग्स के शतक से फाइनल बुक किया। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से मुकाबला—हरमनप्रीत कौर ने नई स्ट्रैटेजी अपनाई, शेफाली को ओपनिंग में भेजा। स्मृति मंधाना (45) के साथ 171/2 का मजबूत स्टैंड। बारिश रुकवाट बनी, लेकिन शेफाली की आंखों में चमक। यह एंट्री सिर्फ रिप्लेसमेंट नहीं, बल्कि रिडेम्पशन की शुरुआत थी।

फाइनल का जादू: 87 रन-2 विकेट, चैंपियन का ताज पहनाया

2 नवंबर 2025, DY पाटिल स्टेडियम में फाइनल—दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। शेफाली ने 78 गेंदों पर 87 रन (7 चौके, 2 छक्के, स्ट्राइक रेट 111.54) ठोके—करियर बेस्ट ODI नॉक। स्मृति के साथ सॉलिड ओपनिंग, फिर दीप्ति शर्मा (58) और रिचा घोष (34) ने 298/6 का टोटल खड़ा किया। गेंदबाजी में हरमनप्रीत ने शेफाली को थमाया—दूसरे ओवर में कप्तान सुने लूस बोल्ड, फिर मारिजान कैप आउट। 2/36 के फिगर्स से दक्षिण अफ्रीका 246 पर सिमटी—52 रनों से हार। शेफाली को प्लेयर ऑफ द मैच। 45,000 फैंस की गर्जना में भारत का पहला महिला वनडे वर्ल्ड कप। रेडिट पर फैंस बोले, “नॉट इवन इन प्लेइंग 11 से POTM—मैजिकल कमबैक!” यह जीत सिर्फ ट्रॉफी नहीं, शेफाली की जिद की मिसाल।

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