• February 3, 2026

पंजाब में पीएम मोदी का बड़ा संदेश: आदमपुर एयरपोर्ट का नाम अब ‘श्री गुरु रविदास जी महाराज’ के नाम पर, हलवारा टर्मिनल का भी किया उद्घाटन

जालंधर/लुधियाना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पंजाब की अपनी यात्रा के दौरान जालंधर और लुधियाना को बड़ी सौगातें देते हुए राज्य के सामाजिक और धार्मिक ताने-बाने को मजबूत करने का एक बड़ा संदेश दिया। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री जालंधर के प्रतिष्ठित धार्मिक केंद्र ‘डेरा सचखंड बल्लां’ पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल माथा टेका, बल्कि आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर महान संत श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने की ऐतिहासिक घोषणा का औपचारिक उद्घाटन भी किया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने लुधियाना स्थित हलवारा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन कर पंजाब के विमानन मानचित्र पर एक नया अध्याय जोड़ा।

प्रधानमंत्री का यह दौरा श्रद्धा, सामाजिक समरसता और विकास के त्रिवेणी संगम के रूप में देखा जा रहा है। जैसे ही पीएम मोदी ने आदमपुर एयरपोर्ट के नए नामकरण का आधिकारिक ऐलान किया, वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और संगत के बीच ‘रविदास शक्ति’ के जयकारों की गूंज सुनाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत पंजाब की पवित्र मिट्टी को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि संत रविदास जयंती और माघ पूर्णिमा के इस पुण्य अवसर पर पंजाब की संगत के बीच आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। पीएम मोदी ने अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं समानता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाती हैं और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखना आने वाली पीढ़ियों को इन महान मूल्यों से जोड़ने का एक विनम्र प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अपनी संसदीय सीट काशी और पंजाब के बीच के आध्यात्मिक सेतु का भी भावुकता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता गुरु रविदास जी की जन्मभूमि काशी (वाराणसी) से है और वहीं के आशीर्वाद से वह देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने साझा किया कि जब भी वह काशी के श्री गोवर्धन धाम जाते हैं, तो वहां उन्हें पंजाब से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मिलते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार पंजाब आना गुरु रविदास जी की ही इच्छा थी और डेरा सचखंड बल्लां की ओर से मिले निमंत्रण ने उनके इस प्रवास को और भी पवित्र बना दिया है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने इसी दिन पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा से गरीबों और बुजुर्गों की सेवा रही है। पिछले 11 वर्षों में दवाओं को सस्ता करने और मुफ्त इलाज की सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में निरंतर काम किया गया है। पीएम मोदी ने बताया कि इस नए बजट में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के इलाज को और सुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दवाओं की कीमतों में कमी करने के संवेदनशील निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरु रविदास जी के समानता के संदेश को उनकी सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।

आध्यात्मिक और विकासोन्मुख कार्यक्रमों के साथ-साथ यह दौरा कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) और पंजाब पुलिस के हजारों जवानों ने मोर्चा संभाला हुआ था। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली और जालंधर को 30 जनवरी से 1 फरवरी तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया था। जालंधर-पठानकोट हाईवे पर यातायात को डायवर्ट किया गया ताकि श्रद्धालुओं और प्रधानमंत्री के काफिले को कोई असुविधा न हो।

लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट पर भी उत्सव जैसा माहौल रहा। वहां केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू और मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में वाटरप्रूफ टेंटों के नीचे एक विशाल मंच सजाया गया था। शाम 3:45 बजे प्रधानमंत्री ने आदमपुर से ही डिजिटल माध्यम से हलवारा के नए अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का उद्घाटन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दो एयरपोर्ट्स के माध्यम से पंजाब की कनेक्टिविटी और व्यापारिक संभावनाओं को नई उड़ान मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर करना पंजाब की सामाजिक चेतना और दलित राजनीति के लिहाज से एक दूरगामी कदम है, जो राज्य में सामाजिक संतुलन और सम्मान की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

डेरा सचखंड बल्लां में अपने 40 मिनट के प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने डेरा प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। डेरा परिसर को रविदास जी महाराज की शिक्षाओं वाले बैनर और पोस्टरों से भव्य रूप से सजाया गया था। संगत ने हाथों में धार्मिक झंडे लेकर प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने गुरु रविदास जी के समरसता और समानता के संदेश को राष्ट्रीय फलक पर एक बार फिर मजबूती से स्थापित कर दिया।

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