उत्तर प्रदेश: ‘जिनको होली के रंग से बचना है, वो तिरपाल का हिजाब पहन लें’ – योगी सरकार के मंत्री रघुराज सिंह का विवादित बयान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मंत्री रघुराज सिंह ने होली के दौरान एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा, “जिनको होली के रंग से बचना है, वो तिरपाल का हिजाब पहन लें।” इस बयान के बाद विपक्ष ने उन पर तीखा हमला करते हुए इसे नफरत फैलाने वाला और असंवेदनशील करार दिया है।
बयान का संदर्भ
यह बयान रघुराज सिंह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया था, जब वे होली के रंगों और परंपराओं के बारे में बोल रहे थे। उनके अनुसार, होली एक हिंदू त्योहार है, जो रंगों, खुशी और एकता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस रंग-रिवाज से बचना चाहते हैं, तो उन्हें अपने लिए कुछ विशेष कदम उठाने चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने तिरपाल का हिजाब पहनने की बात कही, जो इस समय एक विवादित और संवेदनशील मुद्दा बन चुका है, खासकर मुस्लिम समुदाय में महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले हिजाब को लेकर।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
रघुराज सिंह के इस बयान पर तुरंत विपक्षी दलों ने विरोध जताया। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के नेताओं ने इस बयान को घोर असंवेदनशील और समाज में नफरत फैलाने वाला बताया। सपा के प्रवक्ता ने कहा, “इस बयान से यह साफ है कि बीजेपी और उनकी सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के बीच भेदभाव फैलाना चाहती है।” कांग्रेस के नेता ने इसे ‘धार्मिक असहमति को बढ़ावा देने वाला’ बयान बताया और आरोप लगाया कि ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा करते हैं।
वहीं, समाज के एक वर्ग ने इस बयान को धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता की भावना के खिलाफ भी बताया। मुस्लिम समुदाय के कई नेताओं ने इसे अपमानजनक और असंवेदनशील बताया, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक पहचान पर निशाना साधने के रूप में देखा।
रघुराज सिंह का बचाव
रघुराज सिंह ने हालांकि अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी समुदाय को आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा कि होली भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और यह हर किसी को खुशी और एकता का संदेश देती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बयान केवल एक हल्के-फुलके तरीके से दिया गया था, जो किसी को ठेस पहुँचाने का इरादा नहीं था।
तिरपाल और हिजाब का संदर्भ
रघुराज सिंह द्वारा ‘तिरपाल का हिजाब’ शब्द का इस्तेमाल काफी विवादास्पद है, क्योंकि यह एक विशेष संदर्भ में मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले हिजाब से जोड़ा गया है। हिजाब मुस्लिम महिलाओं के लिए एक धार्मिक परिधान है, जिसे वे अपनी आस्था और पहचान के प्रतीक के रूप में पहनती हैं। तिरपाल के हिजाब का जिक्र करके रघुराज सिंह ने न केवल एक धार्मिक प्रतीक का मजाक उड़ाया, बल्कि यह भी दिखाया कि वह धार्मिक सहिष्णुता और विविधता के मूल्य को सही तरीके से नहीं समझते।
होली और सांप्रदायिक सौहार्द
होली एक ऐसा त्योहार है, जो भारतीय समाज की विविधता और एकता का प्रतीक है। यह रंगों और खुशियों का त्योहार है, जो समाज के हर वर्ग और धर्म को जोड़ता है। हालांकि, कुछ वर्षो से त्योहारों के साथ सांप्रदायिक तनाव जुड़ते जा रहे हैं, और ऐसे विवादित बयान इन तनावों को और बढ़ावा देते हैं। होली के समय जब लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और खुशी बांटते हैं, तब ऐसे बयान समाज में दरार पैदा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विवाद पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, पार्टी के सूत्रों का कहना है कि वह अपने मंत्री के बयान से सहमत नहीं हैं और इस मुद्दे पर उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाएगा। वहीं, बीजेपी के कई नेता यह कह रहे हैं कि रघुराज सिंह का बयान व्यक्तिगत विचार था, और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।