• February 3, 2026

UPI में अब ‘नाउ पे लेटर’ फीचर! जीरो बैलेंस में भी पेमेंट संभव, NPCI ने लॉन्च किया प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन

नई दिल्ली: अगर आप कभी कम बैंक बैलेंस की वजह से UPI पेमेंट फेल होने की परेशानी से जूझ चुके हैं, तो अब आपके लिए बड़ी राहत की खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI यूजर्स के लिए नया फीचर ‘UPI Now Pay Later’ (या प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन ऑन UPI) उपलब्ध कराया है। इस सुविधा के जरिए अब UPI पेमेंट सिर्फ आपके बैंक अकाउंट में मौजूद बैलेंस तक सीमित नहीं रहेगा। जरूरत पड़ने पर आप बैंक से पहले से स्वीकृत क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल कर तुरंत भुगतान कर सकते हैं और बाद में चुकता कर सकते हैं।
क्या है UPI Now Pay Later?
यह एक डिजिटल क्रेडिट सुविधा है, जिसके तहत बैंक या NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) यूजर्स को उनकी प्रोफाइल, क्रेडिट स्कोर और अन्य फैक्टर्स के आधार पर एक प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लिमिट प्रदान करते हैं। यह लिमिट आमतौर पर ₹20,000 से ₹50,000 या इससे ज्यादा हो सकती है। UPI से पेमेंट करते समय यूजर बैंक अकाउंट की जगह इस क्रेडिट लाइन को चुन सकता है। भुगतान तुरंत पूरा हो जाता है और इस्तेमाल की गई राशि क्रेडिट लिमिट से कट जाती है। बिलिंग साइकिल खत्म होने पर बिल जनरेट होता है, जिसे तय समय में (अक्सर ब्याज के साथ या बिना ब्याज के शॉर्ट पीरियड में) चुकाना होता है। यह सुविधा शॉर्ट-टर्म क्रेडिट की तरह काम करती है और खासकर इमरजेंसी या कम बैलेंस वाली स्थिति में बहुत उपयोगी है।
यह कैसे काम करता है?
  • बैंक यूजर की क्रेडिट प्रोफाइल चेक कर प्री-अप्रूव्ड लिमिट देता है।
  • UPI ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) में क्रेडिट लाइन को लिंक करें।
  • पेमेंट के समय ‘क्रेडिट लाइन’ ऑप्शन चुनें।
  • ट्रांजेक्शन तुरंत सफल हो जाता है।
  • बाद में बिल का भुगतान UPI, नेट बैंकिंग या अन्य तरीके से करें।

प्रमुख फायदे

  • तुरंत क्रेडिट एक्सेस: कम या जीरो बैलेंस में भी पेमेंट बिना रुकावट के।
  • व्यापक स्वीकार्यता: जहां UPI चलता है, वहां यह फीचर काम करता है (मर्चेंट पेमेंट्स, बिल पेमेंट आदि)।
  • लचीला भुगतान: तय समय बाद (कुछ मामलों में इंटरेस्ट-फ्री पीरियड) चुकाने की सुविधा।
  • पूरी तरह डिजिटल: कोई कागजी काम नहीं, आसान ऑनबोर्डिंग और तेज प्रक्रिया।

पात्रता और जरूरी शर्तें

  • उम्र 18 वर्ष या अधिक।
  • भारतीय नागरिक।
  • मोबाइल नंबर से लिंक PAN और Aadhaar।
  • UPI-सक्षम बैंक में सक्रिय खाता।
  • अच्छा क्रेडिट स्कोर (आमतौर पर CIBIL 750 या उससे अधिक)।

यह  फीचर कई बैंयकों (जैसे HDFC, ICICI, Axis आदि) और UPI ऐप्स पर उपलब्ध है। कुछ बैंकों में यह पहले से ही रोलआउट हो चुका है, और NPCI की ओर से इसे और व्यापक बनाने की कोशिश जारी है। यह कदम डिजिटल पेमेंट्स को और अधिक सुलभ, लचीला और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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