यूपी: डिप्टी CM केशव मौर्य के आवास पर सिक्योरिटी ब्रेक! दिल्ली BJP अध्यक्ष का फर्जी प्रतिनिधि गिरफ्तार, नोएडा का ठग आया सामने
लखनऊ, 12 दिसंबर 2025:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर एक फर्जी युवक को सुरक्षा टीम ने धर दबोचा। आरोपी खुद को दिल्ली BJP प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का प्रतिनिधि बताकर ‘शिष्टाचार भेंट’ के बहाने डिप्टी CM से मिलने पहुंचा था। नोएडा निवासी इस ठग की गिरफ्तारी से खुलासा हुआ कि वह कई जिलों में धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने गौतमपल्ली थाने में केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।पूरा मामला: कैसे पकड़ा गया फर्जी?
- घटना का विवरण: गुरुवार को दशरथ पाल नामक आरोपी अपने तीन साथियों के साथ डिप्टी CM के आवास (लक्ष्मण मेला) पर पहुंचा। उसने फोन कर खुद को दिल्ली BJP अध्यक्ष का ‘करीबी’ बताया और सिफारिशें मांगने लगा। लेकिन सतर्कता टीम को शक हुआ। जांच में पता चला कि वीरेंद्र सचदेवा का कोई ऐसा प्रतिनिधि नहीं है। आवास पर घुसते ही स्टाफ ने उसे हिरासत में ले लिया।
- पकड़े जाने का क्रम: आरोपी ने पहले फर्जी कॉल की, फिर साथियों के लिए ‘अनुचित सिफारिशें’ करने लगा। जब स्टाफ ने वेरिफाई किया, तो उसकी पोल खुल गई। डिप्टी CM के सूचना अधिकारी रतन सिंह ने पुष्टि की कि यह संगठन की छवि खराब करने की साजिश थी।
आरोपी का क्रिमिनल बैकग्राउंड: कई जिलों का ‘किंगपिन’प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- पिछले फ्रॉड: दशरथ पाल (नोएडा के घोड़ी बछेड़ा गांव निवासी) नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ और लखनऊ में धोखाधड़ी के कई केसों में वांछित था। वह BJP नेताओं का नाम लेकर सरकारी नौकरियां, टेंडर और सिफारिशें बेचता था।
- मोडस ऑपरेंडी: फर्जी ID, फोन कॉल्स और मीटिंग्स के बहाने ठगी। इस बार भी तीन साथियों को ‘मुलाकात’ कराने का प्लान था।
- कानूनी कार्रवाई: गौतमपल्ली पुलिस ने IPC की धारा 419 (धोखाधड़ी), 420 (चोरी) और अन्य धाराओं में FIR दर्ज की। आरोपी से मोबाइल, दस्तावेज जब्त; साथी फरार।
डिप्टी CM की प्रतिक्रिया: सख्त चेतावनीकेशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “सुशासन में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था सर्वोच्च है। संगठन या सरकार की छवि बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को पूरी घटना की जानकारी दी। मौर्य ने सुरक्षा टीम की तारीफ की और कहा, “ऐसी साजिशें विफल होंगी।” यह घटना यूपी में BJP की सतर्कता को हाइलाइट करती है, लेकिन सिक्योरिटी लैप्स पर सवाल भी उठा रही।पुलिस आगे की जांच में आरोपी के नेटवर्क को उजागर करने पर जुटी है। क्या यह बड़े फ्रॉड रैकेट का हिस्सा है? अपडेट्स का इंतजार।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर एक फर्जी युवक को सुरक्षा टीम ने धर दबोचा। आरोपी खुद को दिल्ली BJP प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का प्रतिनिधि बताकर ‘शिष्टाचार भेंट’ के बहाने डिप्टी CM से मिलने पहुंचा था। नोएडा निवासी इस ठग की गिरफ्तारी से खुलासा हुआ कि वह कई जिलों में धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने गौतमपल्ली थाने में केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।पूरा मामला: कैसे पकड़ा गया फर्जी?
- घटना का विवरण: गुरुवार को दशरथ पाल नामक आरोपी अपने तीन साथियों के साथ डिप्टी CM के आवास (लक्ष्मण मेला) पर पहुंचा। उसने फोन कर खुद को दिल्ली BJP अध्यक्ष का ‘करीबी’ बताया और सिफारिशें मांगने लगा। लेकिन सतर्कता टीम को शक हुआ। जांच में पता चला कि वीरेंद्र सचदेवा का कोई ऐसा प्रतिनिधि नहीं है। आवास पर घुसते ही स्टाफ ने उसे हिरासत में ले लिया।
- पकड़े जाने का क्रम: आरोपी ने पहले फर्जी कॉल की, फिर साथियों के लिए ‘अनुचित सिफारिशें’ करने लगा। जब स्टाफ ने वेरिफाई किया, तो उसकी पोल खुल गई। डिप्टी CM के सूचना अधिकारी रतन सिंह ने पुष्टि की कि यह संगठन की छवि खराब करने की साजिश थी।
आरोपी का क्रिमिनल बैकग्राउंड: कई जिलों का ‘किंगपिन’प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- पिछले फ्रॉड: दशरथ पाल (नोएडा के घोड़ी बछेड़ा गांव निवासी) नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ और लखनऊ में धोखाधड़ी के कई केसों में वांछित था। वह BJP नेताओं का नाम लेकर सरकारी नौकरियां, टेंडर और सिफारिशें बेचता था।
- मोडस ऑपरेंडी: फर्जी ID, फोन कॉल्स और मीटिंग्स के बहाने ठगी। इस बार भी तीन साथियों को ‘मुलाकात’ कराने का प्लान था।
- कानूनी कार्रवाई: गौतमपल्ली पुलिस ने IPC की धारा 419 (धोखाधड़ी), 420 (चोरी) और अन्य धाराओं में FIR दर्ज की। आरोपी से मोबाइल, दस्तावेज जब्त; साथी फरार।
डिप्टी CM की प्रतिक्रिया: सख्त चेतावनीकेशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “सुशासन में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था सर्वोच्च है। संगठन या सरकार की छवि बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को पूरी घटना की जानकारी दी। मौर्य ने सुरक्षा टीम की तारीफ की और कहा, “ऐसी साजिशें विफल होंगी।” यह घटना यूपी में BJP की सतर्कता को हाइलाइट करती है, लेकिन सिक्योरिटी लैप्स पर सवाल भी उठा रही।