नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है और मोदी सरकार का 15वां बजट। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों की आर्थिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनिश्चितता और चुनौतीपूर्ण समय में भी सोच-समझकर फैसले लिए, जिससे देश में आर्थिक स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, निरंतर विकास और कम महंगाई बनी रही।बजट में घरेलू निर्माण, हेल्थकेयर सेक्टर, ऊर्जा सुरक्षा, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण आयात पर निर्भरता कम की है और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत किया है।
हेल्थकेयर सेक्टर में बड़े ऐलानहेल्थकेयर को प्राथमिकता देते हुए वित्त मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- शुगर (डायबिटीज), कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी।
- Biopharma Shakti योजना का शुभारंभ – अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने का लक्ष्य। यह योजना बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे दवाओं की लागत कम होगी और देश की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।
- तीन नए आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।
- बुजुर्गों के लिए मेडिकल केयर सुविधाओं में विस्तार।
- 5 नए रीजनल मेडिकल सेंटर बनेंगे।
- पशु चिकित्सा (वेटरनरी डॉक्टर्स) के क्षेत्र में विशेष ध्यान और प्रशिक्षण पर जोर।
अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस
वित्त मंत्री ने बजट को युवाशक्ति और तीन ‘कर्तव्यों’ पर आधारित बताया। सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में हस्तक्षेप की योजना बनाई है। इसके अलावा कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का ऐलान किया गया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को गति देगा।यह बजट आत्मनिर्भरता और विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदमों का प्रतीक है। आम आदमी, किसान, युवा और उद्योग जगत के लिए कई राहतें और अवसरों का वादा किया गया है।
