• January 19, 2026

The Power of Yadav Bahus: अखिलेश की सियासी साथी से करोड़ों की मालकिन तक, मुलायम परिवार की असली ताकत किसके पास?

The Power of Yadav Bahus:  उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति में हमेशा सुर्खियों में रहने वाले मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के परिवार की चार बहुएं इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। ये वो महिलाएं हैं जिन्होंने न सिर्फ परिवार को संभाला है, बल्कि उसके सियासी और सामाजिक कद को भी बढ़ाया है। सांसद डिंपल यादव (Dimple Yadav) की चमक, बीजेपी (BJP) में शामिल होकर बागी तेवर दिखाने वाली अपर्णा यादव (Aparna Yadav) का जलवा, करोड़ों की संपत्ति की मालकिन नीलम यादव (Neelam Yadav) की शांत शक्ति और अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की वकील शेरिन यादव (Sherin Yadav) की नई एंट्री ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यादव परिवार की असली ‘सुपरवुमन’ कौन है? आर्यन यादव (Aryan Yadav) की शादी के बाद, हर कोई इन ताकतवर बहुओं के प्रभाव और काबिलियत का आकलन कर रहा है। आज हम आपको  इन सभी बहुओं की कहानी बता रहे हैं।

पहचान और पारिवारिक संतुलन की कहानी

मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का परिवार भारतीय राजनीति, विशेषकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति, में एक प्रभावशाली शक्ति केंद्र माना जाता है। इस परिवार की बहुओं ने न केवल घर की पारंपरिक जिम्मेदारियां निभाई हैं, बल्कि राजनीतिक और पेशेवर क्षेत्रों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। जहां अतीत में पारिवारिक मामलों में महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, वहीं इन चारों बहुओं—डिंपल यादव (Dimple Yadav), अपर्णा यादव (Aparna Yadav), नीलम यादव (Neelam Yadav) और शेरिन यादव (Sherin Yadav)—ने इस धारणा को तोड़ा है। इनमें से हर एक बहू ने अपनी क्षमता और बुद्धिमत्ता से यादव परिवार के सियासी और आर्थिक आधार को मजबूत किया है। इनकी व्यक्तिगत यात्राएं और प्रभाव परिवार के भीतर आधुनिकता और परंपरा के बीच एक दिलचस्प संतुलन पेश करते हैं, जिसने परिवार के कद को और भी बढ़ाया है।

सांसद डिंपल यादव और अपर्णा का राजनीतिक विद्रोह

यादव परिवार की सबसे चमकती बहू, डिंपल यादव (Dimple Yadav), जो मूल रूप से डिंपल राठौर (Dimple Rathore) हैं, आज परिवार की राजनीतिक रीढ़ मानी जाती हैं। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजपूत (Rajput) परिवार से आने वाली डिंपल की लव स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं थी, जिसके बाद 1999 (Year 1999) में उनकी शादी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से हुई। आज वह मैनपुरी (Mainpuri) से लोकसभा सांसद (Lok Sabha MP) हैं और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की मुख्य रणनीतिकारों में शामिल हैं। डिंपल (Dimple) करोड़ों की संपत्ति की मालकिन होने के बावजूद अपनी सादगी के लिए जानी जाती हैं। दूसरी तरफ, अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने यादव परिवार में सियासी विद्रोह का रंग भरा। पॉलिटिकल साइंस (Political Science) में पोस्ट ग्रेजुएट अपर्णा बिष्ट (Aparna Bisht) ने प्रतीक यादव (Prateek Yadav) से शादी के बाद, 2017 (Year 2017) में सपा (SP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर सबको चौंका दिया। उनकी काबिलियत यह है कि वह राजनीतिक विरोध में रहते हुए भी परिवार में अपनी जगह बनाए रखती हैं।

चुपचाप ताकतवर नीलम और नई एंट्री शेरिन

यादव परिवार में दो ऐसी बहुएं हैं जो मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर भी बेहद ताकतवर मानी जाती हैं। नीलम यादव (Neelam Yadav), जो धर्मेंद्र यादव (Dharmendra Yadav) की पत्नी हैं, परिवार की ‘बैकबोन’ (Backbone) के रूप में पहचानी जाती हैं। 2010 (Year 2010) में शादी के बाद से ही वह राजनीति से दूर रहीं, लेकिन उनके पास करोड़ों की मालिकाना हक वाली संपत्ति है। 2014 (Year 2014) के चुनावी हलफनामे में 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा उनके शांत आर्थिक प्रभाव को दर्शाता है। वहीं, सबसे नई एंट्री हैं शेरिन यादव (Sherin Yadav)। लद्दाख (Ladakh) की रहने वाली और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में प्रैक्टिस करने वाली वकील शेरिन (Sherin) की शादी आर्यन यादव (Aryan Yadav) से हुई है। कानून की दुनिया में मजबूत पकड़, स्वतंत्र सोच और उनकी स्मार्टनेस उन्हें अन्य बहुओं से अलग पहचान देती है। उनकी एंट्री ने परिवार को एक आधुनिक और बौद्धिक ऊर्जा दी है।

परिवार में ताकत का संतुलन

यादव परिवार की इन चारों बहुओं को देखकर यह कहना मुश्किल है कि सबसे ताकतवर (Most Powerful) कौन है, क्योंकि हर किसी का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में है। डिंपल यादव (Dimple Yadav) परिवार की सर्वाधिक स्पष्ट राजनीतिक शक्ति हैं, जबकि अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने विपरीत खेमे में रहकर भी अपनी व्यक्तिगत पहचान बनाई है। नीलम यादव (Neelam Yadav) का प्रभाव परिवार के आर्थिक और आंतरिक मामलों में गहरा है। वहीं, शेरिन यादव (Sherin Yadav) अपनी कानूनी और बौद्धिक काबिलियत के साथ परिवार की भविष्य की आधुनिक छवि का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन चारों बहुओं ने मिलकर यादव परिवार को न केवल संभाला है, बल्कि उसे राजनीतिक, सामाजिक और आधुनिक मोर्चों पर एक संतुलित शक्ति प्रदान की है। फिलहाल, सभी की निगाहें शेरिन यादव पर टिकी हैं कि क्या वह भविष्य में राजनीति में कदम रखेंगी।

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