उदयपुर में तेंदुओं का आतंक, 5 लोगों को बनाया शिकार, तीन तेंदुए के पकड़े जाने के बाद चौथे ने किया हमला

उदयपुर जिले का गोगुंदा कस्बा इन दिनों तेंदुए के आंतक की वजह से चर्चा में हैं। उदयपुर में आदमखौर तेंदुए के हमले से शनिवार को पांचवी मौत हुई है। उदयपुर के गोगुंदा में तेंदुए के हमले नहीं थम रहे हैं। शनिवार देर शाम को आदमखोर तेंदुए ने एक महिला का शिकार किया। तेंदुए ने गुर्जरों का गुड़ा में वृद्ध महिला को निशाना बनाया। घर से कुछ दूरी पर वृद्ध महिला का खून से लथपथ शव मिला। तेंदुए ने महिला को जगह-जगह से नोच कर खाया था।

तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद महिला के शव को ढूंढा। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी, गोगुंदा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत और तहसीलदार ओम सिंह लखावत मौके के लिए रवाना हुए। ​शनिवार तड़के कुंडाऊ में एक आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ था। इससे पहले भी दो आदमखोर तेंदुए पकड़े जा चुके हैं, लेकिन तेंदुए के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

आठ भेड़ों पर किया हमला

शुक्रवार देर रात कुंडाऊ गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ फंस गया और उसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन अब गोगुंदा मुख्यालय से मात्र तीन किलोमीटर दूर चाटिया खेड़ी के राणा गांव में तेंदुए के घुसने से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। तेंदुए ने कुल आठ भेड़ों पर शिकार किया उसमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी और चार की हालत गंभीर है। वहीं एक भेड को उठाकर जंगल में ले गया।

वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग

तेंदुए के हमले की सूचना वन विभाग के साथ-साथ पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग से फॉरेस्टर विकास नेहरा सहित पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन ​विभाग के सामने पिंजरा लगाने की मांग की। ग्रामीणों की माने तो इस क्षेत्र में लगातार तेंदुओ के आबादी क्षेत्र में आने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया हैं। ग्रामीण दिन रात दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं।

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