टी20 विश्व कप 2026: खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी ‘सूर्यसेना’, पहले मुकाबले में अमेरिका से होगी भिड़ंत; जानें कैसी होगी भारत की प्लेइंग-11
मुंबई। क्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप का महाकुंभ यानी टी20 विश्व कप 2026 आज से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में शुरू हो रहा है। गत चैंपियन भारतीय टीम अपने खिताब के बचाव के अभियान का आगाज शनिवार को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ करेगी। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम इस समय शानदार फॉर्म में है और उसे इस टूर्नामेंट में जीत का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पिछले विश्व कप में भी भारत ने अमेरिका को मात दी थी, ऐसे में मनोवैज्ञानिक रूप से भारतीय टीम का पलड़ा बेहद भारी नजर आ रहा है। घरेलू मैदान और दर्शकों के भारी समर्थन के बीच भारतीय सितारे एक बार फिर विश्व विजेता बनने के सफर पर निकलने के लिए तैयार हैं।
भारतीय टीम के हौसले इस समय बुलंद हैं। हाल ही में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम को पांच मैचों की टी20 सीरीज में 4-1 से हराकर अपनी तैयारियों का लोहा मनवाया है। टीम के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि लगभग सभी प्रमुख खिलाड़ी लय में लौट चुके हैं। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक, हर विभाग में भारत संतुलित नजर आ रहा है। हालांकि, प्लेइंग-11 के चयन को लेकर कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच के सामने कुछ चुनौतीपूर्ण सवाल जरूर हैं, विशेषकर विकेटकीपर और स्पिन विभाग के संयोजन को लेकर।
विकेटकीपर बल्लेबाज के स्थान के लिए टीम में संजू सैमसन और ईशान किशन के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों और हालिया प्रदर्शन को देखते हुए ईशान किशन का पलड़ा संजू सैमसन पर भारी पड़ता दिख रहा है। संजू सैमसन पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी वे अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे थे। दूसरी ओर, ईशान किशन ने खुद को मिले हर मौके का भरपूर फायदा उठाया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में न केवल रन बनाए, बल्कि एक शानदार शतक भी जड़ा। इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में भी ईशान ने अर्धशतक जड़कर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली थी। अभ्यास मैच में संजू सैमसन को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिलना और ईशान द्वारा अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि शनिवार को ईशान ही विकेटों के पीछे और शीर्ष क्रम में नजर आएंगे।
मध्यक्रम की बात करें तो भारतीय प्रशंसकों के लिए युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा की वापसी एक सुखद खबर है। तिलक वर्मा पेट की सर्जरी के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर थे, लेकिन उन्होंने अभ्यास मैच में अपनी फिटनेस और फॉर्म दोनों का प्रमाण दे दिया है। यह लगभग तय माना जा रहा है कि तिलक अपने नियमित तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे, जबकि चौथे स्थान पर खुद कप्तान सूर्यकुमार यादव मोर्चा संभालेंगे। सूर्या ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी पुरानी लय हासिल कर ली है, जो विरोधी टीमों के लिए खतरे की घंटी है। रिंकू सिंह के रूप में भारत के पास एक ऐसा फिनिशर मौजूद है जो किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख पलट सकता है।
टीम के ऑलराउंडर विभाग में हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल की जगह पक्की है। हार्दिक तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बड़े शॉट्स लगाने की क्षमता रखते हैं, वहीं उपकप्तान अक्षर पटेल किफायती गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी से टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। हालांकि, वॉशिंगटन सुंदर के लिए अंतिम एकादश में जगह बनाना मुश्किल लग रहा है क्योंकि टीम में पहले से ही दो स्तरीय ऑलराउंडर मौजूद हैं। शिवम दुबे के रूप में भारत के पास एक अतिरिक्त विकल्प है, लेकिन अभ्यास मैच में उनकी महंगी गेंदबाजी चिंता का विषय रही है। कप्तान को उम्मीद होगी कि दुबे मैच के दौरान अपनी गेंदबाजी में सुधार करेंगे।
गेंदबाजी आक्रमण की कमान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शुमार जसप्रीत बुमराह के हाथों में होगी। बुमराह की यॉर्कर और धीमी गति की गेंदे वानखेड़े की पिच पर अमेरिका के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगी। उनका साथ देने के लिए अर्शदीप सिंह मौजूद रहेंगे, जो शुरुआती ओवरों में गेंद को स्विंग कराने में माहिर हैं। स्पिन विभाग में अक्षर पटेल का साथ देने के लिए वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव के बीच होड़ है। हालांकि, पिछले कुछ समय से टी20 प्रारूप में वरुण चक्रवर्ती की निरंतरता और उनकी ‘मिस्ट्री’ गेंदबाजी को देखते हुए उन्हें कुलदीप पर वरीयता मिल सकती है।
दूसरी तरफ, अमेरिका की टीम भी भारत को कड़ी टक्कर देने की कोशिश करेगी। मोनांक पटेल की कप्तानी में अमेरिकी टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो भारतीय मूल के हैं और वानखेड़े की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। सौरभ नेत्रवल्कर जैसे गेंदबाज, जिन्होंने पिछले विश्व कप में प्रभावित किया था, भारतीय शीर्ष क्रम के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हालांकि, भारतीय टीम के अनुभव और कौशल के सामने अमेरिका के लिए यह मुकाबला किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।
आज शाम जब वानखेड़े स्टेडियम की दूधिया रोशनी में टॉस होगा, तो करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या ‘मेन इन ब्लू’ उसी आक्रामकता के साथ शुरुआत करेंगे जिसके लिए वे जाने जाते हैं। घरेलू मैदान पर विश्व कप का आगाज करना हमेशा दबाव वाला होता है, लेकिन सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में निडर होकर खेलने वाली यह नई भारतीय टीम इतिहास दोहराने के लिए पूरी तरह तैयार है।