• February 12, 2026

सुप्रीम कोर्ट में बंगाल SIR सुनवाई LIVE: ममता बनर्जी खुद पेश होकर दलीलें दे सकती हैं – अपडेट्स

नई दिल्ली, 4 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी आज सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं, जहां राज्य में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई हो रही है। एक प्रशिक्षित वकील (LLB डिग्री धारक) होने के नाते ममता बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश से अनुमति मांगी है कि वे खुद अपनी याचिका पर दलीलें पेश कर सकें। यदि अनुमति मिलती है, तो वे भारत की पहली बैठी हुई मुख्यमंत्री बन सकती हैं जो सुप्रीम कोर्ट में अपनी केस खुद लड़ेंगी।
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच – मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली – इस मामले की सुनवाई कर रही है। ममता बनर्जी ने 28 जनवरी 2026 को दायर अपनी याचिका में चुनाव आयोग (ECI) के 24 जून 2025 और 27 अक्टूबर 2025 के आदेशों को चुनौती दी है, इन्हें असंवैधानिक, जल्दबाजी में लिया गया, अपारदर्शी और अवैध बताया है।
मुख्यमंत्री का मुख्य तर्क है कि SIR प्रक्रिया से लाखों असली मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जा सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर मताधिकार छिनने का खतरा है। उन्होंने मांग की है कि 2026 के विधानसभा चुनाव मौजूदा 2025 की मतदाता सूची के आधार पर ही कराए जाएं, न कि SIR से संशोधित सूची पर। याचिका में आरोप लगाया गया है कि:
  • प्रक्रिया में पुरानी कट-ऑफ तारीखों (जैसे 2002) के आधार पर दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो आम नागरिकों के लिए मुश्किल है।
  • “लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी” के नाम पर एल्गोरिदम का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे मनमाने ढंग से नाम कट रहे हैं।
  • कुछ विधानसभा क्षेत्रों में असमान रूप से ज्यादा नाम हटाए जा रहे हैं, खासकर अल्पसंख्यक और गरीब वर्गों के।
  • मतदाताओं को पर्याप्त सुरक्षा और सुनवाई का मौका नहीं दिया जा रहा है।

SIR क्या है?
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में SIR शुरू किया है, ताकि मतदाता सूची में डुप्लिकेट एंट्री, अयोग्य नाम (जिसमें अवैध प्रवासियों के आरोप शामिल हैं) और डेटा असंगतियों को ठीक किया जा सके। हालांकि, TMC और अन्य विपक्षी दल इसे पक्षपातपूर्ण और जल्दबाजी में बताया जा रहा है, जिससे मतदाताओं में डर और भ्रम फैल रहा है।
ममता बनर्जी ने पहले प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, प्रेस कॉन्फ्रेंस की और SIR को तुरंत रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए खतरा है और 2026 के चुनावों से पहले मतदाताओं को नुकसान पहुंचा सकती है।सुनवाई जारी है। कोर्ट से कोई बड़ा फैसला आने की उम्मीद है, जो राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों पर असर डाल सकता है।लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें – सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में और विकास होते ही सूचित किया जाएगा।

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