नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में 17-18 फरवरी को बारिश और बर्फबारी की संभावना

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम में बदलाव की भविष्यवाणी की है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 17 और 18 फरवरी 2026 को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में छिटपुट बारिश/बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।
इस विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी जारी रह सकती है। मैदानी क्षेत्रों में इसका असर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में दिखाई दे सकता है, जहां कहीं-कहीं तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ हल्की बारिश या छिटपुट वर्षा हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में हालिया दिनों में तापमान बढ़ा हुआ है। रविवार को अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार (17 फरवरी) को हल्की धुंध की संभावना है और अधिकतम-न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 डिग्री और 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 17-18 फरवरी को हल्की बारिश या बूंदाबांदी के कारण तापमान में मामूली गिरावट (1-2 डिग्री) आ सकती है, लेकिन कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और उसके बाद तापमान फिर बढ़ने की संभावना है।
तापमान का पूर्वानुमान:

  • उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, उसके बाद हल्की गिरावट।
  • पश्चिमी भारत में अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान स्थिर रहेगा, फिर 2-3 डिग्री की वृद्धि।
  • महाराष्ट्र में अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं, उसके बाद क्रमिक वृद्धि।
  • कोंकण, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में अगले तीन दिनों तक उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बारिश का अलर्ट जारी है।

देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की उम्मीद है। यात्रियों और किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम अपडेट्स पर नजर रखें, क्योंकि तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश से कुछ इलाकों में असुविधा हो सकती है।

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