• February 23, 2026

प्रयागराज: नाबालिग यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस आज वाराणसी पहुंच सकती है; POCSO के तहत दर्ज केस में उम्रकैद तक की सजा संभव

प्रयागराज/वाराणसी, 23 फरवरी 2026: प्रयागराज में नाबालिगों से यौन शोषण के गंभीर आरोपों में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के खिलाफ पुलिस जांच तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रयागराज पुलिस की एक टीम आज (23 फरवरी) वाराणसी पहुंच सकती है, जहां शंकराचार्य से पूछताछ की जा सकती है। जांच के दौरान उनके कुछ शिष्यों से भी सवाल-जवाब होने की संभावना है।
झूंसी थाने में दर्ज FIR में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उनके शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम शामिल है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि पद और शक्ति का दुरुपयोग कर नाबालिगों के साथ यौन अपराध किए गए। कोर्ट के आदेश पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शंकराचार्य का पलटवार: रामभद्राचार्य ने कराया फर्जी केस

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए दावा किया है कि यह मामला स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। उन्होंने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी को ‘हिस्ट्रीशीटर’ करार दिया और कहा कि यह झूठा प्रचार है।

किन धाराओं में केस दर्ज? संभावित सजा
झूंसी थाने में दर्ज FIR में निम्नलिखित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:

  • BNS धारा 351(3): डर पैदा करना या दबाव बनाना
    सजा: 2 से 7 साल की कैद और जुर्माना
  • POCSO धारा 5(i): पद/शक्ति का दुरुपयोग कर यौन अपराध
  • POCSO धारा 6: धारा 5(i) साबित होने पर
    सजा: न्यूनतम 20 साल की सजा, उम्रकैद या जुर्माना
  • POCSO धारा 3: बच्चे के साथ गंभीर यौन शोषण
  • POCSO धारा 4(2): धारा 3 साबित होने पर
    सजा: 10 साल से उम्रकैद तक और जुर्माना
  • POCSO धारा 16: अपराध के लिए उकसाना या मदद करना
  • POCSO धारा 17: धारा 16 साबित होने पर
    सजा: 10 या 20 साल की कैद, उम्रकैद तक

जांच की स्थिति
प्रयागराज पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। शंकराचार्य से पूछताछ और उनके आश्रम में मौजूद शिष्यों से बयान दर्ज करने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की वैज्ञानिक और तथ्यपरक जांच की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों की निगरानी में जांच चल रही है।
यह मामला धार्मिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा में है। आगे की जांच में क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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