• January 1, 2026

PM Modi’s Big Navy Gift: ‘मन की बात’ में पीएम मोदी का ऐलान, भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी ‘INS माहे’!

PM Modi’s Big Navy Gift: नवंबर का महीना भारत के लिए उपलब्धियों, राष्ट्रीय गौरव और नवाचार से भरा रहा है, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में विशेष रूप से किया। उन्होंने संविधान दिवस (Constitution Day) और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने को राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया। इन सबके बीच, पीएम मोदी ने भारतीय नौसेना (Indian Navy) की नई और महत्वपूर्ण स्वदेशी उपलब्धि ‘आईएनएस माहे’ (INS Mahe) का जिक्र किया, जिसे मुंबई में नौसेना में शामिल किया गया। उन्होंने इसे देश की समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) के लिए एक ऐतिहासिक सौगात बताया, जिसका डिज़ाइन और नामकरण दोनों भारत की विरासत को दर्शाते हैं। इसके अलावा, उन्होंने स्पेस सेक्टर से लेकर खाद्यान्न उत्पादन तक की सफलताएं गिनाईं। क्या था प्रधानमंत्री का पूरा संदेश और क्यों खास है यह नया युद्धपोत? चलिए जानते हैं विस्तार से…

नवंबर की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ: सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महीना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ‘मन की बात’ के दौरान नवंबर माह को ‘असाधारण उपलब्धियों का महीना’ बताया। उन्होंने 26 नवंबर को मनाए गए संविधान दिवस (Constitution Day) पर संसद के सेंट्रल हॉल में हुए विशेष आयोजन का उल्लेख किया, जिसने देशवासियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को फिर से याद दिलाया। सांस्कृतिक मोर्चे पर, उन्होंने अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर परिसर में धर्मध्वजा का आरोहण और कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) के ज्योतिसर में पंचजन्य स्मारक के लोकार्पण को ऐतिहासिक क्षण बताया। सबसे महत्वपूर्ण, उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram) के 150 वर्ष पूरे होने पर देशव्यापी कार्यक्रमों की शुरुआत को राष्ट्रभावना का प्रतीक करार दिया। पीएम मोदी ने कहा कि ये सभी घटनाएँ मिलकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और लोकतांत्रिक विरासत को एक नई और मजबूत ऊर्जा प्रदान करती हैं।

स्वदेशी युद्धपोत ‘INS माहे’ से नौसेना को मिली नई ताकत

प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) ने भारतीय नौसेना (Indian Navy) को मिली एक बड़ी उपलब्धि, आईएनएस माहे (INS Mahe) का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसे हाल ही में मुंबई (Mumbai) में कमीशन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह युद्धपोत समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका संपूर्ण डिज़ाइन स्वदेशी है। ‘माहे’ नाम पुडुचेरी (Puducherry) के ऐतिहासिक क्षेत्र से लिया गया है, जिसने इस क्षेत्र के लोगों में गर्व की भावना पैदा की है। इस जहाज का क्रेस्ट (Crest) दक्षिण भारत की प्राचीन मार्शल आर्ट कलारिपयट्टू (Kalaripayattu) की परंपरागत लचीली तलवार ‘उरुमी’ (Urumi) जैसा दिखता है, जो भारत की समृद्ध सैन्य विरासत को दर्शाता है। पीएम मोदी ने इसे ‘आत्मनिर्भर नौसेना’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जो भारत की तकनीकी शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) को नई ऊँचाई देती है।

स्टार्टअप्स और कृषि में नई ऊर्जा का संचार

पीएम मोदी ने भारत के स्पेस सेक्टर (Space Sector) में निजी क्षेत्र के बढ़ते योगदान की सराहना की। उन्होंने निजी कंपनी स्काईरूट (Skyroot) के ‘इंफिनिटी कैंपस’ (Infinity Campus) का जिक्र किया और इसे भारत की नई उड़ान और स्टार्टअप नवाचार (Startup Innovation) की मिसाल बताया। उनका कहना था कि भारत का अंतरिक्ष इकोसिस्टम तेज़ी से विस्तार कर रहा है, जिसमें युवाओं का योगदान सबसे अहम है। कृषि क्षेत्र की उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया है, जो 10 साल पहले की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है। पर्यटन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड (Uttarakhand) में औली (Auli), चोपटा (Chopta), मुनस्यारी (Munsyari) और डेयारा (Deyara) जैसे स्थानों पर सर्दियों में पर्यटकों की बढ़ती संख्या राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है। ये सभी उपलब्धियाँ भारत की नई ऊर्जा को दर्शाती हैं।

युवाशक्ति और भविष्य की चुनौतियों पर प्रधानमंत्री का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर जनरेशन-जी (Gen-Z) को नई सोच और नवाचार का नेतृत्वकर्ता बताया। उन्होंने पिथौरागढ़ (Pithoragarh) में 14,500 फीट की ऊँचाई पर आयोजित ‘हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन’ (High Altitude Ultra Run Marathon) का उदाहरण दिया, जिसमें 18 राज्यों से 750 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया। उन्होंने इसे खेल, पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों के लिए उत्तराखंड (Uttarakhand) की बढ़ती पहचान बताया। अपने समापन संदेश में, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि, एविएशन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण जैसे कई मोर्चों पर तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने युवाओं से इन राष्ट्रीय उपलब्धियों से प्रेरणा लेने और भविष्य की चुनौतियों को स्वीकार करने का आह्वान किया। उनके अनुसार, भारत के विकास की यात्रा अब एक निर्णायक मोड़ पर है और आने वाले महीने कई नई उपलब्धियों के साक्षी बनेंगे, जिसके लिए सभी देशवासियों को एकजुट होकर काम करना होगा।

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