• January 31, 2026

संसद में ‘ई-सिगरेट’ विवाद: TMC सांसद पर BJP का हमला, सौगत रॉय को बाहर धूम्रपान करते कैमरे में पकड़ा गया

नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2025:

संसद के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को एक हैरान करने वाला विवाद खड़ा हो गया। लोकसभा में एक TMC सांसद द्वारा ई-सिगरेट पीने के आरोप पर हंगामा मच गया। BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन में इस मुद्दे को उछाला, जिससे विपक्ष और सत्ताधारी पक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। स्पीकर ओम बिरला ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन नाम किसी का नहीं लिया गया। कुछ ही घंटों बाद, TMC के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय को संसद परिसर के बाहर सिगरेट पीते हुए केंद्रीय मंत्रियों गिरिराज सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत ने देख लिया, जिससे विवाद और भड़क गया।सदन में क्या हुआ? TMC सांसद पर ई-सिगरेट का आरोप

  • अनुराग ठाकुर का तीखा प्रहार: प्रश्नकाल के दौरान बोलते हुए ठाकुर ने स्पीकर से कहा, “ई-सिगरेट पूरे देश में प्रतिबंधित है। क्या सदन में इसकी इजाजत है? एक TMC सांसद कई दिनों से लोकसभा में ही ई-सिगरेट पी रहा है।” ठाकुर ने 2019 के ई-सिगरेट प्रतिबंध कानून का हवाला देते हुए स्पीकर से रूलिंग की मांग की।
  • हंगामा और स्पीकर की प्रतिक्रिया: सदन में शोरशराबा मच गया। कई सांसदों ने TMC सदस्यों की ओर इशारा किया। स्पीकर बिरला ने नाराजगी जताई और कहा, “यह गंभीर मामला है। जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।” हालांकि, आरोपी सांसद का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया।
  • कानूनी पृष्ठभूमि: 2019 के ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) निषेध अधिनियम’ के तहत ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध है। उल्लंघन पर 1-3 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।

संसद परिसर में सौगत रॉय का ‘सिगरेट ब्रेक’: मंत्रियों से टकरावविवाद के कुछ ही देर बाद, TMC के सीनियर सांसद सौगत रॉय को संसद भवन के बाहर (मकर द्वार के पास) सिगरेट पीते कैमरे में कैद कर लिया गया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें रोककर विरोध जताया।

  • गिरिराज सिंह का आरोप: गिरिराज ने कहा, “सभी जानते हैं कि सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। TMC सांसद ने सदन में ई-सिगरेट का बचाव किया, जो कानून और संसद की गरिमा का अपमान है। हम सभी के फेफड़े हैं, सार्वजनिक जगह पर धूम्रपान बंद करें।”
  • सौगत रॉय का पलटवार: रॉय ने मुस्कुराते हुए सिगरेट नहीं बुझाई। उन्होंने कहा, “गिरिराज या शेखावत स्पीकर थोड़े हैं जो हम उनकी बात मानें। भवन के अंदर धूम्रपान प्रतिबंधित है, लेकिन बाहर खुले में ई-सिगरेट या सिगरेट पीना जायज है। दिल्ली की प्रदूषण स्तर 25 सिगरेट के बराबर है, तो एक व्यक्ति का धूम्रपान क्या फर्क डाल देगा?” वीडियो वायरल हो गया, जिसमें रॉय आराम से सिगरेट फूंकते नजर आ रहे हैं।

TMC का केंद्र पर जवाब: ‘झूठे आरोप, राजनीतिक साजिश’

  • डोला सेन का हमला: TMC सांसद डोला सेन ने कहा, “संसद में झूठ बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है। अनुराग ठाकुर ‘गुरु-ठाकुर’ नहीं कि उनकी बात पर विश्वास कर लें। BJP बंगाल नहीं जीत पा रही, इसलिए झूठे आरोप लगा रही है। मोदी सरकार का यह राजनीतिक वेंडेटा है।”
  • TMC का दावा: पार्टी ने कहा कि ई-सिगरेट का मुद्दा BJP का डायवर्शन है, जबकि असली बहस SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और ‘वोट चोरी’ पर होनी चाहिए।

ई-सिगरेट का बढ़ता चलन: खतरे और कारणई-सिगरेट (या वाष्प सिगरेट) बैटरी से चलने वाली डिवाइस है, जो लिक्विड को वाष्प बनाकर सांस में लेने की सुविधा देती है। इनडोर धूम्रपान प्रतिबंध के बाद इनका चलन बढ़ा, लेकिन ये कम हानिकारक नहीं:

  • स्वास्थ्य जोखिम: निकोटीन की लत, फेफड़ों को नुकसान (EVALI), हृदय रोग, कैंसर का खतरा। युवाओं में लोकप्रिय, लेकिन लंबे समय में सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक।
  • भारत में स्थिति: 2019 के बाद चलन कम हुआ, लेकिन ब्लैक मार्केट में उपलब्ध। संसद जैसी जगह पर इसका इस्तेमाल न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोकतंत्र की मर्यादा को ठेस पहुंचाता है।

यह घटना विपक्ष-सरकार के बीच तनाव को और गहरा रही है। स्पीकर की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप थमने का नाम नहीं ले रहे। क्या यह बंगाल चुनावों की जंग का नया मोड़ बनेगा? समय बताएगा।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *