लखनऊ दौरे पर नितिन नवीन, चाय-चर्चा से फूंका चुनावी बिगुल; 2027 पर फोकस तेज
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पहले उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान शनिवार को लखनऊ में जोरदार राजनीतिक संदेश दिया। अपने दौरे के दौरान वे शहर के एक लोकप्रिय चाय स्टॉल पहुंचे, जहां उन्होंने कुल्हड़ वाली चाय और बन-मस्का का स्वाद लिया तथा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से संवाद किया। लखनऊ में अपने दौरे के दौरान नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उनका देसी अंदाज भी चर्चा का विषय रहा, जहां उन्होंने चाय पर बैठकर आम लोगों से बातचीत की और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की।
चाय स्टॉल पर दिखा ‘चुनावी मूड’
रोड शो के दौरान नितिन नवीन शहर के प्रसिद्ध चाय स्टॉल ‘शर्मा जी की चाय’ पर रुके। यहां उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चाय और बन-मस्का का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों से भी बातचीत की और आगामी राजनीतिक माहौल को लेकर माहौल गर्म कर दिया।
2027 चुनाव को लेकर संकेत
नितिन नवीन का यह दौरा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि चाय भारतीय समाज का अभिन्न हिस्सा है और यह देश के हर घर से जुड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के चुनाव में देश ने एक चाय बेचने वाले के बेटे को प्रधानमंत्री बनाया था, और जिन लोगों ने उस समय इसका मजाक उड़ाया था, उन्हें जनता ने राजनीतिक रूप से हाशिए पर कर दिया। बीजेपी अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में पार्टी एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी और उत्तर प्रदेश में “कमल” फिर से खिलेगा। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन की सरकार ने राज्य को “उत्तम प्रदेश” बनाने की दिशा में काम किया है।
सहयोगी दलों से मुलाकात
अपने दौरे के दौरान नितिन नवीन ने एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने सभी से मिलकर आगामी चुनाव में एकजुट होकर मजबूती से लड़ने की अपील की और उनके सुझाव भी लिए। इस दौरान सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद, अपना दल (एस) के आशीष पटेल और आरएलडी के त्रिलोक त्यागी मौजूद रहे। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी शामिल हुए। लखनऊ में इस दौरे को भाजपा की चुनावी रणनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ गई है।