नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया
- 2 फरवरी को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने की पूरी अनुमति न दिए जाने का मामला।
- 3 फरवरी को आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन का मुद्दा।
- 4 फरवरी को सत्ता पक्ष के एक सांसद द्वारा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर भी उन्हें न रोके जाने का आरोप।
- स्पीकर द्वारा विपक्षी महिला सांसदों के प्रति की गई कथित अनुचित टिप्पणियां।
दिलचस्प बात यह है कि इस नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं हैं। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा, “राहुल जी ने हस्ताक्षर नहीं किए, लेकिन 118 सांसदों ने किया है। हमारा मकसद संदेश देना है कि संसद में विपक्ष की आवाज दबाई नहीं जा सकती। हमारे पास नंबर कम हैं तो क्या, हम सरकार की तरह नहीं कहेंगे कि कोई बड़ी ताकत है तो लड़ेंगे नहीं।”टीएमसी के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। कांग्रेस सांसदों का कहना है कि टीएमसी के सांसद उनके साथ हैं, भले ही उन्होंने साइन न किया हो। विपक्षी सांसदों ने स्पष्ट किया कि वे स्पीकर ओम बिरला का व्यक्तिगत सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली भेदभावपूर्ण रही है, जिसके कारण यह कदम उठाना पड़ा।