• February 1, 2026

यूपी बीजेपी में बड़ा बदलाव: महाराजगंज सांसद पंकज चौधरी नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे, 14 दिसंबर को ऐलान संभव

लखनऊ, 12 दिसंबर 2025:  उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबरें हैं कि महाराजगंज से सात बार के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। ओबीसी वर्ग की कुर्मी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले चौधरी केंद्रीय नेतृत्व की पहली पसंद बने हुए हैं। नामांकन प्रक्रिया शनिवार (13 दिसंबर) को लखनऊ में होगी, जबकि रविवार (14 दिसंबर) को औपचारिक ऐलान हो सकता है।
नामांकन से ऐलान तक: प्रक्रिया पूरी, ओबीसी फोकस पर जोर
बीजेपी ने संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने बताया कि नामांकन 13 दिसंबर को दोपहर 1 से 2 बजे तक पार्टी मुख्यालय में भरा जाएगा। केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तवाड़े नामांकन स्वीकार करेंगे, जबकि केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल 14 दिसंबर को प्रक्रिया पूरी करेंगे। वर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल जनवरी 2025 में समाप्त हो चुका था, लेकिन वे तब तक पद पर बने रहेंगे जब तक नया चेहरा न चुन लिया जाए।यह फैसला 2026 के पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने के लिए अहम है। पार्टी उच्च कमान गैर-यादव ओबीसी वोटरों को एकजुट करने पर फोकस कर रही है, जिसके तहत ओबीसी उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जा रही है।

दावेदारों की रेस: पंकज चौधरी सबसे मजबूत दावेदा  :

सूत्रों के अनुसार, पंकज चौधरी की दावेदारी सबसे मजबूत है। वे जमीनी स्तर पर सक्रिय नेता माने जाते हैं और महाराजगंज में लगातार सात बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें वित्त राज्य मंत्री बनाया, जो उनकी क्षमता का प्रमाण है। हालांकि, अन्य दावेदारों में भी चर्चा है:

 

दावेदार का नाम
पृष्ठभूमि
समुदाय/मजबूती
पंकज चौधरी
महाराजगंज सांसद, वित्त राज्य मंत्री
कुर्मी (ओबीसी), केंद्रीय पसंद
साध्वी निरंजन ज्योति
पूर्व केंद्रीय मंत्री, फतेहपुर सांसद
निषाद (ओबीसी), हाल में नड्डा से मुलाकात
बीएल वर्मा
राज्यसभा सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री
ब्राह्मण, संगठनात्मक अनुभव
धर्मपाल सिंह
योगी कैबिनेट मंत्री
ओबीसी, ग्रामीण आधार मजबूत
स्वतंत्र देव सिंह
जलशक्ति मंत्री
ओबीसी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष

पार्टी ने नौ संभावित नामों पर विचार किया था—तीन-तीन ब्राह्मण, ओबीसी और दलित से—लेकिन ओबीसी पर अंतिम फैसला लिया गया। भूपेंद्र चौधरी ने हाल ही में पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह से मुलाकात की, जो ट्रांजिशन का संकेत है।पंकज चौधरी का प्रोफाइल: जमीनी नेता से केंद्रीय मंत्री तक

  • जन्म और शुरुआत: 1965 में उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति में 1990 के दशक में प्रवेश किया। वे कुर्मी समुदाय से हैं, जो यूपी में ओबीसी का प्रमुख वोट बैंक है।
  • चुनावी रिकॉर्ड: महाराजगंज लोकसभा सीट से 1991 से लगातार सात बार सांसद चुने गए। 2024 में उन्होंने 1.85 लाख वोटों से जीत हासिल की।
  • संगठनात्मक भूमिका: बीजेपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और पूर्व प्रदेश महासचिव रहे। वे पार्टी के किसान और ग्रामीण मोर्चे से जुड़े हैं।
  • केंद्रीय पद: 2021 से वित्त राज्य मंत्री (राजस्व)। बजट सत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं, लेकिन विपक्ष पर भ्रामक दावों को उजागर करने के लिए सक्रिय रहते हैं।

पंकज चौधरी की नियुक्ति से पूर्वांचल में पार्टी का आधार मजबूत होगा, जहां कुर्मी वोटर महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ हाल की बैठक में भी इस पर सहमति बनी।औपचारिक ऐलान का इंतजार है, लेकिन यह बदलाव बीजेपी की यूपी स्ट्रैटेजी को नई दिशा दे सकता है। अपडेट के लिए बने रहें।

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