महाराष्ट्र में BJP-शिंदे सेना के बीच नई सियासी जंग! मुंबई सहकारी बैंक चुनाव में आमने-सामने आने की तैयारी
मुंबई: महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में BJP और एकनाथ शिंदे की शिवसेना भले ही साथ मिलकर सत्ता चला रही हों, लेकिन सहकारिता क्षेत्र के चुनावों में दोनों दलों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होती दिख रही है। अब मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (MDCCB) के चुनाव को लेकर BJP और शिंदे गुट के आमने-सामने आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रभाव वाले इस सहकारी बैंक के चुनाव में अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना भी पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है। इससे बैंक पर लंबे समय से माने जाने वाले BJP के प्रभाव को चुनौती मिल सकती है।
BJP के गढ़ में शिंदे सेना की एंट्री
जानकारी के मुताबिक, ठाणे-पालघर जिला बैंक चुनाव में सफलता मिलने के बाद शिंदे गुट का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब पार्टी की नजर मुंबई के इस महत्वपूर्ण सहकारी बैंक पर है। बताया जा रहा है कि सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना इस चुनाव में अपना पैनल उतारने की तैयारी कर रही है।
अगर दोनों सहयोगी दल अलग-अलग पैनल के साथ चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो यह महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति में एक दिलचस्प मुकाबला होगा।
20 सदस्यों वाले बोर्ड पर BJP का दबदबा
मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के मौजूदा 20 सदस्यीय बोर्ड में BJP विधायक प्रवीण दरेकर और उनके समर्थकों का प्रभाव माना जाता है। बोर्ड में BJP के प्रसाद लाड और तेजस्वी घोसालकर जैसे नेताओं के साथ ठाकरे गुट के विधायक सुनील राउत भी शामिल हैं।
ऐसे में शिंदे सेना की संभावित एंट्री से बैंक के भीतर राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। यह चुनाव सिर्फ निदेशकों के चयन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों सहयोगी दलों के बीच जमीनी प्रभाव की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा सकता है।
क्यों अहम है मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक?
महाराष्ट्र की राजनीति में सहकारी संस्थाओं और बैंकों का प्रभाव लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। इन संस्थाओं पर नियंत्रण को केवल वित्तीय ताकत से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव से भी जोड़कर देखा जाता है।
मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की कार्यशील पूंजी करीब 10,282 करोड़ रुपये बताई जाती है। बैंक हर साल लगभग 600 से 700 करोड़ रुपये के होम लोन वितरित करता है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से जुड़े काम तथा हाउसिंग सोसायटियों के सेल्फ-रीडेवलपमेंट के लिए भी बैंक की वित्तीय भूमिका महत्वपूर्ण है।
यही वजह है कि बैंक के चुनाव में जीत हासिल करना मुंबई के बड़े मध्यमवर्गीय तबके और सहकारी क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BMC चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी?
BJP और शिंदे की शिवसेना राज्य सरकार में सहयोगी हैं, लेकिन आगामी BMC और स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए दोनों दलों के बीच अलग-अलग स्तरों पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।
मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक का चुनाव इसी बढ़ती प्रतिस्पर्धा की एक और कड़ी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि क्या BJP और शिंदे सेना सहकारिता क्षेत्र में भी साथ आती हैं या फिर दोनों दल अलग-अलग ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरकर एक-दूसरे को चुनौती देते हैं।