लखनऊ: आलमबाग थाने के सिपाही ने लगाई फांसी, फरवरी में तय थी शादी
दुखद घटना: शादी की खुशियां मातम में बदलीं
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। आलमबाग थाना क्षेत्र में तैनात युवा सिपाही ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की शादी महज दो महीने बाद फरवरी 2026 में होने वाली थी, जिसकी तैयारियां परिवार में चल रही थीं। यह खुशी अचानक पूरे परिवार और पुलिस महकमे के लिए गहरा सदमा बन गई
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। आलमबाग थाना क्षेत्र में तैनात युवा सिपाही ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की शादी महज दो महीने बाद फरवरी 2026 में होने वाली थी, जिसकी तैयारियां परिवार में चल रही थीं। यह खुशी अचानक पूरे परिवार और पुलिस महकमे के लिए गहरा सदमा बन गई
घटना का विवरण: कमरे में मिला शव
घटना 12 दिसंबर 2025 की शाम की है। मृतक सिपाही की पहचान बालकृष्ण उर्फ बाल किशन (आयु 27-28 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अलीगढ़ जिले के पिसावा गांव का निवासी था।लेकिन हर संभावित पहलू की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने पंचनामा पूरा कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस में शोक की लहर दौड़ गई है। हाल के वर्षों में यूपी पुलिसकर्मियों में मानसिक तनाव, लंबी ड्यूटी और व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़ी कई आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत बढ़ गई है। सहकर्मी और परिजन गहरे सदमे में हैं। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक दबाव को उजागर किया है।
घटना 12 दिसंबर 2025 की शाम की है। मृतक सिपाही की पहचान बालकृष्ण उर्फ बाल किशन (आयु 27-28 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अलीगढ़ जिले के पिसावा गांव का निवासी था।लेकिन हर संभावित पहलू की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने पंचनामा पूरा कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस में शोक की लहर दौड़ गई है। हाल के वर्षों में यूपी पुलिसकर्मियों में मानसिक तनाव, लंबी ड्यूटी और व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़ी कई आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत बढ़ गई है। सहकर्मी और परिजन गहरे सदमे में हैं। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक दबाव को उजागर किया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, सिपाही का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। कॉल डिटेल्स, मैसेज और सोशल मीडिया एक्टिविटी की गहन जांच की जा रही है। आलमबाग थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है। आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन हर संभावित पहलू की छानबीन की जा रही है। पुलिस ने पंचनामा पूरा कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस में शोक की लहर दौड़ गई है। हाल के वर्षों में यूपी पुलिसकर्मियों में मानसिक तनाव, लंबी ड्यूटी और व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़ी कई आत्महत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत बढ़ गई है। सहकर्मी और परिजन गहरे सदमे में हैं। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक दबाव को उजागर किया है।