कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल को लेकर हलचल, 40 विधायक दिल्ली में डटे
कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के भीतर इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के करीब 40 विधायक कैबिनेट फेरबदल की मांग को लेकर दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। ये सभी विधायक पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में बदलाव और नए चेहरों को शामिल करने की मांग उठाने वाले हैं।
बताया जा रहा है कि इन विधायकों में वे नेता शामिल हैं जो तीन या उससे अधिक बार विधायक रह चुके हैं। उनका कहना है कि मौजूदा मंत्रियों को करीब तीन साल का समय मिल चुका है, इसलिए अब वरिष्ठ विधायकों को मौका दिया जाना चाहिए।
नए विधायकों की भी मांग तेज
वहीं, पहली बार चुने गए 38 कांग्रेस विधायक भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर कम से कम पांच नए विधायकों को मंत्री बनाए जाने की मांग की है। इससे पार्टी के भीतर दबाव और बढ़ गया है।
बड़े फेरबदल की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, 4 मई को पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव नतीजों के बाद और मानसून सत्र से पहले राज्य मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया जा सकता है।
कहा जा रहा है कि कई मंत्रियों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी और लंबे समय से पद पर बने रहने को देखते हुए उन्हें हटाया जा सकता है। वर्तमान में कर्नाटक में 34 मंत्री हैं, जिनमें बदलाव कर नए चेहरों को मौका देने की रणनीति पर विचार हो रहा है।
क्या है विधायकों की मांग?
विधायकों का साफ कहना है कि वे मुख्यमंत्री को बदलने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कैबिनेट विस्तार और फेरबदल के जरिए उन्हें भी सरकार में प्रतिनिधित्व देने की मांग कर रहे हैं। राज्य में बढ़ती इस अंदरूनी हलचल को पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।