22 नवंबर 2025, नई दिल्ली: ऑनलाइन स्कैम्स का साया हर तरफ मंडरा रहा है – फोन पर धोखाधड़ी से लेकर स्क्रीन शेयरिंग तक, भारत में अरबों रुपये उड़ चुके हैं। ऐसे में गूगल ने AI का जादू बिखेरा है, जो रियल-टाइम में फ्रॉड पकड़ेगा और फाइनेंशियल ऐप्स को लॉक करेगा। पिक्सल फोन्स पर कॉल एनालिसिस से लेकर SMS OTP का नया विकल्प, ये फीचर्स यूजर्स को सशक्त बनाएंगे। लेकिन क्या ये सिर्फ इंग्लिश यूजर्स या पिक्सल ओनर्स तक सीमित रहेंगे? कंपनी का दावा है कि भारत AI सेफ्टी का ‘प्रूविंग ग्राउंड’ बनेगा, पर चुनौतियां भी कम नहीं। आइए, इस डिजिटल शील्ड की परतें खोलें, जो स्कैमर्स के खेल को बिगाड़ सकती है।
ऑनलाइन फ्रॉड का बढ़ता खतरा: गूगल क्यों लाया AI सुरक्षा का नया दौर?
भारत का डिजिटल बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन स्कैम्स भी 2025 के पहले पांच महीनों में ही करीब 70 बिलियन रुपये का नुकसान हुआ। फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और वॉइस क्लोनिंग जैसे ट्रिक्स से बच्चे, टीनएजर्स और सीनियर्स सबसे ज्यादा प्रभावित। RBI के आंकड़ों में 2024 में 13,500 से ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन फ्रॉड्स दर्ज हुए। गूगल ने इसे ‘360 डिग्री सेफ्टी अप्रोच’ से जवाब दिया – ऑन-डिवाइस और क्लाउड प्रोटेक्शन, डिजिटल लिटरेसी ट्रेनिंग और पार्टनरशिप्स। वाइस प्रेसिडेंट एवन कोटसोविनोस ने कहा, “भारत की स्केल और डाइवर्सिटी इसे AI सेफ्टी का ग्लोबल टेस्टिंग ग्राउंड बनाती है।” कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने जोर दिया कि सेफ्टी अब ट्रांसफॉर्मेशनल AI का इंफ्रास्ट्रक्चर है। कंपनी ने सुपर सर्चर्स प्रोग्राम से 17,000 टीचर्स को ट्रेन किया, जो 10 लाख लोगों तक पहुंचा। साइबरपीस फाउंडेशन को भारी ग्रांट मिली AI टूल्स डेवलप करने के लिए। एंड्रॉयड हर महीने 10 बिलियन मैलिशियस मैसेजेस ब्लॉक करता है, जिनमें से 2 बिलियन भारत से। दिसंबर में लॉन्च होगा ‘लर्न एंड एक्सप्लोर ऑनलाइन’ प्रोग्राम, जो बच्चों को सेफ इंटरनेट सिखाएगा। ये कदम न सिर्फ फ्रॉड रोकेंगे, बल्कि यूजर्स को स्मार्ट बनाएंगे – लेकिन क्या ये हर लैंग्वेज और डिवाइस तक पहुंचेगा?
पिक्सल पर रियल-टाइम जासूस: Gemini Nano से कॉल स्कैम्स का पर्दाफाश
गूगल का स्टार फीचर है रियल-टाइम स्कैम डिटेक्शन, जो पिक्सल 9 और लेटर मॉडल्स पर Gemini Nano से चलेगा। अनजान नंबर से कॉल आए तो ये ऑन-डिवाइस एनालिसिस करेगा – बिना ऑडियो रिकॉर्ड या डेटा शेयर किए। अगर स्कैम का संकेत मिले, जैसे पैसे मांगना या पर्सनल डिटेल्स, तो कॉल के दौरान बीप अलर्ट करेगा – यूजर और कॉलर दोनों को। डिफॉल्ट ऑफ है, यूजर सेटिंग्स से ऑन कर सकता है, और कभी भी बंद। अभी सिर्फ इंग्लिश में काम करता है। पिक्सल की मार्केट शेयर कम है, लेकिन गूगल इसे दूसरे एंड्रॉयड फोन्स पर भी लाने की तैयारी कर रहा है। ये फीचर प्राइवेसी-फोकस्ड है, क्योंकि सब लोकल रहता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं, ये बच्चों और बुजुर्गों के लिए गेम-चेंजर, जहां फोन फ्रॉड्स 25% सालाना बढ़े। डिजी कवच फॉर सीनियर्स से 25 शहरों में ट्रेनिंग चल रही, जो 10 लाख लोगों को कवर करेगी। ‘बी स्कैम रेडी’ गेम सिमुलेशन से फ्रॉड पहचानना सिखाएगा। लेकिन लैंग्वेज बैरियर से हिंदी-क्षेत्रीय यूजर्स पिछड़ सकते हैं – गूगल को जल्द सपोर्ट बढ़ाना होगा।
फाइनेंशियल ऐप्स का एंटी-फ्रॉड शील्ड: ePNV, SynthID और स्क्रीन अलर्ट्स का तिकड़ी
गूगल ने फाइनेंशियल साइड को मजबूत किया – Google Pay, PayTM और Navi के साथ पायलट में स्क्रीन शेयरिंग अलर्ट। एंड्रॉयड 11+ पर, अनजान कॉल में स्क्रीन शेयर करते हुए ऐप ओपन करें तो बड़ा वार्निंग पॉप-अप: “ये स्कैम हो सकता है, कॉल एंड करें?” वन-टैप से कॉल कट और शेयरिंग स्टॉप। UPI फ्रॉड्स 300% बढ़े, जहां स्कैमर्स कस्टमर केयर बनकर बैंकिंग ऐप्स में घुसते। Google Pay वीकली 10 लाख फ्रॉड ट्रांजेक्शन वार्निंग्स शो करता। ePNV नया प्रोटोकॉल है – SMS OTP की जगह SIM-बेस्ड सिक्योर वेरिफिकेशन, जो साइन-इन को हैक-प्रूफ बनाएगा। SynthID AI-जनरेटेड कंटेंट (डीपफेक) डिटेक्ट करेगा – वॉटरमार्किंग टूल, जिसका अर्ली एक्सेस Jagran, PTI, India Today को मिला। Google Play Protect ने 11.5 करोड़ साइडलोडेड ऐप इंस्टॉल ब्लॉक किए। IIT मद्रास और साइबरपीस के साथ AI बेंचमार्क्स डेवलप हो रहे। ये फीचर्स DPDP रूल्स 2025 के साथ मैच करते, प्राइवेसी को बूस्ट देंगे। लेकिन रोलआउट स्पीड और लैंग्वेज एक्सपैंशन पर नजर – वरना फ्रॉडर्स को फायदा। गूगल का ये कदम भारत को AI सेफ्टी लीडर बना सकता है।