• February 14, 2026

पूर्व IPS अमिताभ दास की गिरफ्तारी: NEET छात्रा मौत मामले में भ्रामक पोस्ट पर पटना पुलिस की कार्रवाई, POCSO एक्ट के तहत केस; तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल, बाद में रिहा

पटना, 14 फरवरी 2026: बिहार की राजनीति और सोशल मीडिया में हलचल मचा देने वाला मामला अब नया मोड़ ले चुका है। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को पटना पुलिस ने शुक्रवार शाम एक नाबालिग NEET छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़े विवाद में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का आरोप है कि दास ने सोशल मीडिया पर भ्रामक, तथ्यहीन और भड़काऊ पोस्ट एवं वीडियो साझा किए, जिससे जांच प्रभावित होने और समाज में भ्रम फैलने का खतरा पैदा हुआ।
मामले की शुरुआत और FIR
यह विवाद पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक 16 वर्षीय जहानाबाद निवासी NEET छात्रा की मौत से शुरू हुआ, जिसकी मौत 11 जनवरी 2026 को अस्पताल में हुई थी। मौत को लेकर शुरू से संदेह जताए जा रहे थे और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। पूर्व IPS अमिताभ दास ने लगातार वीडियो और पोस्ट डालकर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी लिया गया और डीएनए जांच की मांग की गई।
पटना के चित्रगुप्त नगर थाने में 13 फरवरी 2026 को FIR संख्या 44/2026 दर्ज की गई, जिसमें POCSO एक्ट की धाराएं भी लगाई गईं (क्योंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है)। पुलिस ने दास पर नाबालिग की पहचान उजागर करने, अफवाह फैलाने और जांच में बाधा डालने के आरोप लगाए।
गिरफ्तारी का ड्रामा और स्वास्थ्य बिगड़ना
पुलिस टीम शुक्रवार को दास के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट पहुंची। वहां छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए, जिनकी फॉरेंसिक जांच होगी। गिरफ्तारी के दौरान हंगामा हुआ, दास ने मीडिया के सामने खुद पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया और बड़े नामों पर हमला बोला। पूछताछ के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें PMCH अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद स्थिति सामान्य बताई और देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया।
नया केस और आगे की जांच
रिहाई के कुछ घंटों बाद खबर आई कि दास के खिलाफ एक और जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि उन्होंने अपने निजी लेटरहेड या संचार में पूर्व IPS पद और सरकारी प्रतीकों का गलत इस्तेमाल किया, जो नियमों के विरुद्ध है। यह अलग केस हो सकता है या मौजूदा FIR में जोड़ा जा सकता है।
NEET छात्रा मौत की मूल जांच
मूल मामला अब SIT (विशेष जांच टीम) के हाथ में है, जिसमें डीएनए, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और यात्रा विवरण की जांच हो रही है। कुछ रिपोर्टों में CBI जांच की मांग और प्रक्रिया की चर्चा भी है। पुलिस का कहना है कि दास के बयानों से जांच प्रभावित हो सकती थी, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। वहीं दास के समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दे रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सिर्फ सवाल उठाए थे।
वर्तमान स्थिति
डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच जारी है। आने वाले दिनों में पुलिस या कोर्ट से नए खुलासे हो सकते हैं। एक मौत से शुरू हुई यह कहानी अब कानून, राजनीति और सोशल मीडिया के तिहरे मोर्चे पर चल रही है, जहां हर दिन नया ट्विस्ट सामने आ रहा है। 
Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *