भोजशाला को लेकर बढ़ा विवाद, हिंदू समाज ने दोपहर तक धार बंद का किया आह्वान
मध्य प्रदेश के धार में ऐतिहासिक भोजशाला की व्यवस्थाओं और धार्मिक गतिविधियों को लेकर हिंदू समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी के विरोध में हिंदू समाज ने आज दोपहर तक धार बंद का आह्वान किया है। बंद से पहले हिंदू समाज के लोग लालबाग में एकत्र होंगे और इसके बाद शहर में बंद के समर्थन में निकलेंगे।
हिंदू संगठनों का कहना है कि भोजशाला की व्यवस्थाओं और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष है। इसी के चलते प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखने और विरोध दर्ज कराने के लिए बंद का आह्वान किया गया है।
एक ही रास्ते के इस्तेमाल और नक्शे को लेकर विवाद
मामले में ताजा विवाद भोजशाला परिसर में नमाज और पूजा के लिए हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्षों द्वारा एक ही रास्ते के इस्तेमाल तथा संरक्षित स्मारक की सीमा स्पष्ट नहीं होने से जुड़ा बताया जा रहा है।
हिंदू पक्ष ने भोजशाला परिसर की व्यवस्था देख रहे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। संगठनों का कहना है कि उनकी आपत्तियों और मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके बाद धार बंद का निर्णय लिया गया।
प्रशासन को सौंपा जाएगा ज्ञापन
हिंदू समाज की ओर से कहा गया है कि बंद के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें और आपत्तियां रखी जाएंगी। इसके लिए आम लोगों और व्यापारियों से भी बंद को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की गई है।
हिंदू समाज ने भोजशाला को आस्था, अस्मिता और अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए लोगों से एकजुट होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की है। संगठन की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि आने वाली पीढ़ियों को इस मुद्दे पर दोबारा संघर्ष की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसलिए समाज को एकजुट होकर अपनी मांग रखनी चाहिए।
जुमे की नमाज को लेकर भी रहा विवाद
भोजशाला विवाद में हाल के दिनों में जुमे की नमाज को लेकर भी चर्चा रही है। दी गई जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भोजशाला से सटे दरगाह परिसर में शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज की अनुमति दी गई है।
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद भोजशाला के नजदीक सर्वे नंबर 612 को नमाज के लिए चुने जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद 31 जुलाई को बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग जुमे की नमाज के लिए पहुंचे थे।
वहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मई में दिए गए फैसले के बाद भोजशाला-कमाल मौला परिसर को लेकर विवाद और संवेदनशील हो गया है। ऐसे में हिंदू समाज की ओर से बुलाए गए धार बंद के बाद प्रशासन की भूमिका और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।