Dengue Diet: डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या खाएं? जानें कौन से फल और खाद्य पदार्थ हैं फायदेमंद
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों में शरीर पर अलग-अलग तरह से असर पड़ सकता है। डेंगू के कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम हो सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर नियमित जांच जरूरी होती है। प्लेटलेट्स बहुत कम होने या बीमारी गंभीर होने पर समय पर चिकित्सकीय देखभाल बेहद महत्वपूर्ण है।
संतुलित डाइट और पर्याप्त तरल पदार्थ शरीर को बीमारी से उबरने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, किसी खास फल, जूस या घरेलू नुस्खे से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने की गारंटी नहीं है। आइए जानते हैं कि डेंगू के दौरान खानपान में किन चीजों को शामिल किया जा सकता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
प्लेटलेट्स की संख्या कम होने पर क्या खाएं?
डेंगू के दौरान मरीज की भूख कम हो सकती है। ऐसे में हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन देना उपयोगी होता है। डाइट में निम्नलिखित चीजें शामिल की जा सकती हैं:
- अनार: इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे फल या जूस के रूप में लिया जा सकता है।
- कीवी: इसमें विटामिन C होता है, जो सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में मदद करता है।
- संतरा और अमरूद: ये विटामिन C के अच्छे स्रोत हैं और संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं।
- दाल और खिचड़ी: ये आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ हैं और शरीर को ऊर्जा व पोषण देते हैं।
- हरी सब्जियां: इनमें फोलेट और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो सामान्य रक्त निर्माण में भूमिका निभाते हैं।
- अंडे, दूध और दही: यदि मरीज इन्हें आसानी से पचा पा रहा है, तो ये प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि इन खाद्य पदार्थों का सेवन पोषण के लिए उपयोगी है, लेकिन इन्हें प्लेटलेट्स बढ़ाने का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
डेंगू में कौन से तरल पदार्थ पीने चाहिए?
डेंगू के दौरान बुखार, पसीना, उल्टी और कम भोजन लेने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए पर्याप्त तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है।
मरीज की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार निम्नलिखित विकल्प उपयोगी हो सकते हैं:
- पानी और ओआरएस का घोल।
- नारियल पानी।
- दाल का पानी या हल्का सूप।
- पर्याप्त पानी मिलाकर तैयार किया गया ताजा जूस।
- अन्य तरल पदार्थ, जिन्हें मरीज आसानी से पी सके।
अगर मरीज को लगातार उल्टी हो रही है, वह पानी नहीं पी पा रहा है या पेशाब कम हो रहा है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
क्या पपीते के पत्ते और गिलोय का जूस प्लेटलेट्स बढ़ाते हैं?
डेंगू में पपीते के पत्तों का रस और गिलोय का सेवन पारंपरिक तौर पर सुझाया जाता रहा है। हालांकि, इनके जरिए प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने या डेंगू ठीक होने के पर्याप्त और विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
पपीते के पत्तों के अर्क पर कुछ छोटे अध्ययन हुए हैं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि घरेलू जूस सभी मरीजों के लिए प्रभावी और सुरक्षित है। गिलोय से जुड़े संभावित दुष्प्रभावों, विशेषकर लिवर को नुकसान पहुंचने की आशंका, को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इसी तरह एलोवेरा जूस, व्हीटग्रास जूस और लौकी के जूस में शहद मिलाकर पीने को भी डेंगू का प्रमाणित उपचार नहीं माना जाता। इनका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
डेंगू में प्लेटलेट्स कम हों तो क्या करें?
डेंगू के मरीज में प्लेटलेट्स की संख्या के साथ-साथ रक्तचाप, रक्तस्राव, शरीर में पानी की स्थिति और अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है। केवल प्लेटलेट्स की संख्या देखकर बीमारी की गंभीरता का आकलन नहीं किया जा सकता।
इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच और फॉलो-अप कराएं।
- पर्याप्त तरल पदार्थ और पौष्टिक भोजन लें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं या हर्बल सप्लीमेंट न लें।
- एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचें, क्योंकि डेंगू में इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। बुखार के लिए दवा डॉक्टर की सलाह से लें।
- नाक या मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी, काला मल, तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, अत्यधिक सुस्ती या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो तुरंत अस्पताल जाएं।
डेंगू में संतुलित भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ और चिकित्सकीय निगरानी महत्वपूर्ण हैं। कोई भी फल, जूस या घरेलू नुस्खा डॉक्टर के इलाज का विकल्प नहीं है। प्लेटलेट्स कम होने पर मरीज की स्थिति के अनुसार सही उपचार ही सबसे जरूरी है।
