कानपुर में सपा की नई नियुक्ति पर विवाद, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष पद को लेकर उठे सवाल
कानपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) की कानपुर इकाई में हालिया संगठनात्मक नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी ने लोहिया वाहिनी, कानपुर ग्रामीण का जिला अध्यक्ष ऐसे नेता को नियुक्त किया है, जिनके खिलाफ पहले एक आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इस नियुक्ति के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
2023 के मामले को लेकर चर्चा तेज
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर में अमर सिंह यादव पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसमें महिला से छेड़छाड़ और आपराधिक धमकी से संबंधित आरोप शामिल थे। एफआईआर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 27 मार्च 2023 को धार्मिक स्थल से लौटते समय रास्ते में उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया और विरोध करने पर धमकी दी गई।
तीन साल बाद संगठन में बड़ी जिम्मेदारी
करीब तीन साल पुराने मामले के बाद अब समाजवादी पार्टी ने अमर सिंह यादव को लोहिया वाहिनी, कानपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि गंभीर आरोपों का सामना कर चुके व्यक्ति को संगठन में महत्वपूर्ण पद देने का आधार क्या रहा। इस नियुक्ति के बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर भी असंतोष की चर्चा सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस फैसले पर असहमति जताई है, हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
नवनियुक्त अध्यक्ष का पक्ष
विवादों के बीच अमर सिंह यादव ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका दावा है कि मामला अदालत में विचाराधीन है और उन्हें भाजपा से जुड़े कुछ लोगों की ओर से निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में मिली जिम्मेदारी से कुछ लोग असंतुष्ट हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
राजनीतिक बहस तेज
इस नियुक्ति के बाद कानपुर की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है और संगठनात्मक फैसले पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। फिलहाल यह मामला स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि पार्टी स्तर पर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।