सीएम योगी 22 फरवरी से सिंगापुर-जापान दौरे पर: अरबों डॉलर निवेश की तलाश, मैग्लेव ट्रेन में सफर; अखिलेश ने कसा तंज – ‘क्योटो जाइए, काशी की विरासत समझिए’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी 2026 से सिंगापुर और जापान के आधिकारिक दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान सीएम योगी राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अरबों डॉलर के प्रस्ताव पेश करेंगे और उत्तर प्रदेश को भारत का अगला औद्योगिक पावरहाउस बनाने का रोडमैप दुनिया के सामने रखेंगे।
दौरे की मुख्य बातें
- सीएम योगी जापान में मैग्लेव ट्रेन (मैग्नेटिक लेविटेशन ट्रेन) में सफर करेंगे, जो 600 किमी/घंटा की रफ्तार से पटरी से ऊपर हवा में तैरकर चलती है।
- वे जापान की भविष्य की रेल तकनीक से रूबरू होंगे और उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार पर फोकस करेंगे।
- सिंगापुर और जापान में कई निवेश प्रस्ताव रखे जाएंगे, जिनमें ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 5ए और सेक्टर 7 में जापान सिटी और सिंगापुर सिटी विकसित करने की योजना शामिल है।
- इन औद्योगिक शहरों के लिए लगभग 500 एकड़ भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
यह दौरा उत्तर प्रदेश की इकोनॉमी को अगले स्तर पर ले जाने और वैश्विक निवेशकों को राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव का तंज
सीएम योगी के इस विदेश दौरे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा तंज कसा। अखिलेश ने सीएम योगी का नाम लिए बिना पोस्ट किया: “जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी। जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा। वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन सा तो ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे। ये मुख्यमंत्री जी का ‘मनसुख-पर्यटन’ है, अगर वो स्वीकार कर लें, तो जाते-जाते कम-से-कम एक सच बोलने के लिए उन्हें लोग याद रखेंगे। ‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ का व्यक्तिगत लाभ ही उठाएंगे या अपने क़रीबियों से भी साझा करेंगे।”अखिलेश के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे सीएम योगी के दौरे को ‘पर्यटन’ करार दे रहा है, जबकि भाजपा इसे राज्य के हित में महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास बता रही है।
सीएम योगी के इस विदेश दौरे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा तंज कसा। अखिलेश ने सीएम योगी का नाम लिए बिना पोस्ट किया: “जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी। जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा। वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन सा तो ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे। ये मुख्यमंत्री जी का ‘मनसुख-पर्यटन’ है, अगर वो स्वीकार कर लें, तो जाते-जाते कम-से-कम एक सच बोलने के लिए उन्हें लोग याद रखेंगे। ‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ का व्यक्तिगत लाभ ही उठाएंगे या अपने क़रीबियों से भी साझा करेंगे।”अखिलेश के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे सीएम योगी के दौरे को ‘पर्यटन’ करार दे रहा है, जबकि भाजपा इसे राज्य के हित में महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास बता रही है।