• April 3, 2026

चार धाम यात्रा के लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर लगेगी फीस: फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए कम से कम 10 रुपये का सुझाव

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव किया है। अब तीर्थयात्रियों को रजिस्ट्रेशन के लिए न्यूनतम फीस देनी होगी। फीस की राशि तय करने के लिए गढ़वाल डिवीजन के एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई है।
फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने का मकसदगढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि पिछले कुछ सालों में फर्जी और डुप्लिकेट रजिस्ट्रेशन की समस्या बढ़ी है, जिससे वास्तविक तीर्थयात्रियों को परेशानी होती है। इस समस्या से निपटने के लिए कम से कम 10 रुपये की नाममात्र फीस लगाने का सुझाव दिया गया है। कमेटी अपनी रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपेगी और मंजूरी मिलने के बाद फाइनल फीस तय की जाएगी।चार धाम यात्रा: देवभूमि की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थयात्राउत्तराखंड को ‘देवभूमि’ कहा जाता है, जहां साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है। चार धाम यात्रा यहां की सबसे प्रमुख और पवित्र तीर्थयात्रा है। यह यात्रा हिमालय की ऊंचाई पर बसे चार पवित्र स्थलों—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—को समर्पित है।

  • यमुनोत्री: यमुना नदी के उद्गम के पास, देवी यमुना को समर्पित।
  • गंगोत्री: गंगा नदी के उद्गम के निकट, देवी गंगा को समर्पित।
  • केदारनाथ: भगवान शिव का पवित्र धाम, रुद्रप्रयाग जिले में।
  • बद्रीनाथ: भगवान विष्णु (बद्रीनारायण) का मंदिर, चमोली जिले में।

यात्रा कब और कैसे पूरी करें?चार धाम के मंदिर हर साल सर्दियों में (अक्टूबर-नवंबर) बंद हो जाते हैं और गर्मियों में (अप्रैल-मई) खुलते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यात्रा घड़ी की सुई की दिशा (क्लॉकवाइज) में पूरी करनी चाहिए—यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ में समाप्त होती है।यात्रा सड़क मार्ग, हेलीकॉप्टर सेवा या पैदल की जा सकती है। कई भक्त केवल ‘दो धाम यात्रा’ (केदारनाथ और बद्रीनाथ) भी करते हैं।यात्रा जितनी दिव्य, उतनी ही चुनौतीपूर्णचार धाम यात्रा शारीरिक और मानसिक रूप से कठिन होती है, लेकिन भक्तों का मानना है कि यह आत्मा को शांति और तृप्ति प्रदान करती है।नई फीस व्यवस्था से यात्रा की व्यवस्था को और सुचारू बनाने, फर्जीवाड़ा रोकने और तीर्थयात्रियों की संख्या का बेहतर प्रबंधन करने की उम्मीद है। सरकार जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर फीस का विकल्प दिखाई देगा।

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