• February 12, 2026

कर्नाटक विधानसभा में हंगामा: बीजेपी-जेडी(एस) ने एक्साइज मंत्री आर.बी. तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग पर रातभर धरना दिया, 6000 करोड़ के शराब घोटाले का आरोप

बेंगलुरु, 4 फरवरी 2026: कर्नाटक विधानसभा में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (सेक्युलर) [जेडी(एस)] ने राज्य के आबकारी (एक्साइज) मंत्री आर.बी. तिम्मापुर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मंगलवार रात से विधान भवन (विदhana सौधा) में रातभर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की और सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को “एटीएम सरकार” करार दिया।
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग में 6000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने दावा किया कि शराब लाइसेंस (जैसे CL-7 होटल/बार और माइक्रो ब्रूअरी लाइसेंस) जारी करने के लिए भारी रिश्वत मांगी जा रही है। अशोक का यह भी आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी चुनाव वाले राज्यों में फंडिंग के लिए कर रही है।
घोटाले की शुरुआत कब हुई?
यह मामला 16 जनवरी 2026 को तब सुर्खियों में आया जब लोकायुक्त पुलिस ने बेंगलुरु शहरी जिले के एक्साइज डिप्टी कमिश्नर जगदीश नाइक और दो अन्य अधिकारियों को 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। लोकायुक्त के अनुसार, इन अधिकारियों पर CL-7 (होटल और बोर्डिंग हाउस) तथा माइक्रो ब्रूअरी लाइसेंस जारी करने के बदले 80 लाख रुपये मांगने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद ऑडियो क्लिप भी सामने आई, जिसमें कथित तौर पर मंत्री का नाम लिया गया।
बीजेपी और जेडी(एस) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्लेकार्ड लिए, भजन-कीर्तन किए, नारे लगाए और रातभर वहीं सोए। बीजेपी विधायक महेश टेंगिनकाई ने कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार पर “बेशर्म भ्रष्टाचार” का आरोप लगाया।
मंत्री का पलटवार
एक्साइज मंत्री आर.बी. तिम्मापुर ने सभी आरोपों से इनकार किया और इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार के दौरान किसी मंत्री ने कभी इस्तीफा नहीं दिया। आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। मैंने हर स्तर पर इसे कम करने के लिए कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ चर्चा के बाद लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। अगर कोई अधिकारी मेरे या मुख्यमंत्री के नाम पर रिश्वत लेता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन मुझे इस्तीफा देने की क्या जरूरत?”
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भी कहा कि महज आरोपों के आधार पर मंत्री को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है।
आज का विशेष सत्र आखिरी दिन
आज कर्नाटक विधानसभा का विशेष सत्र का आखिरी दिन है। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि मुद्दे पर हंगामा जारी रहेगा। बीजेपी-जेडी(एस) ने सीबीआई जांच या हाईकोर्ट जज से जांच की मांग भी की है। यह घटनाक्रम 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।
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