अंतरराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेले का 18 नवंबर को स्टेडियम में ध्वजारोहण एवं पुष्कर सरोवर के 52 घाटों पर दीपदान के बीच रंगारंग आगाज होगा। मेले में हर दिन देशी-विदेशी मेहमानों के बीच खेलकूद व पशु प्रतियोगिता होगी। राजस्थानी लोक कलाकार लोक कला एवं संस्कृति की छटा बिखेरेंगे तथा प्रसिद्ध सिंगर अमित मिश्रा सुर व संगीत की सरिता बहाएंगे। पर्यटन अधिकारी प्रधुमन सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से 23 नवंबर को मेला स्टेडियम […]Read More
करीना कपूर ने किया खुलासा, पांच साल तक सैफ के
बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर कभी सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट को लेकर तो कभी अपनी आने वाली फिल्म को लेकर हमेशा चर्चा में रहती हैं। करीना के काम की जितनी चर्चा हुई, उतनी ही उनकी निजी जिंदगी की भी चर्चा हुई। हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने अपनी लव लाइफ के बारे में खुलकर बात की और करीना ने खुलासा किया कि शादी से पहले वह 5 साल तक सैफ अली खान के […]Read More
बाजार में आठ हजार तरह के पटाखों की वैरायटी उपलब्ध
राजधानी जयपुर में दीपावली पर पटाखों की भी अलग-अलग वैरायटी बाजार में आ चुकी है। इस बार बाजार में आतिशबाजी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजार में बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए पटाखे उपलब्ध हैं। इस बार बाजार में आठ हजार तरह के पटाखों की वैरायटी मौजूद है। फायर वर्क एसोसिएशन ऑफ फायरवर्क आर्टिस्ट्स के अध्यक्ष जहीर अहमद ने बताया कि पुराने पटाखे ग्रीन पटाखे नहीं होते थे। ऐसे […]Read More
गाय के गोबर से बने दीये से रोशन होंगे अमेरिका
गोबर के दीए से इस बार प्रवासी भारतीयों के घर-आंगन रौशन करने की तैयारी है। इसके लिए विदेशों में बसे भारतीयों के लिए अकेले जयपुर से 20 लाख दीये निर्यात किए गए हैं। ये दीये टोंक रोड स्थित श्रीपिंजरापोल गौशाला परिसर में सनराइज आर्गेनिक पार्क में बनाए गए हैं। पिछले करीब छह माह से महिला स्वयं सहायता समूहों की दर्जनों महिलाएं इन इको-फ्रेंडली दीपकों का निर्माण कर रही हैं। हैनिमैन चैरिटेबल मिशन सोसाइटी व आईआईएएएसडी […]Read More
झारखंड में तसर उत्पादन को मिल रहा बढ़ावा, आत्मनिर्भर बन
झारखंड की जमीन और मौसम ऐसा है ही यहां पर लगभग हर चीज की खेती की जा सकती है। यहां घने जंगल भी है जिसका भी लाभ राज्य के किसानों को मिलता है। खूंटी जिले में कई महिलाएं इस खेती से जुड़कर अच्छे पैसे कमा रही है और आत्मनिर्भर बन रही हैं। घने जंगलों, हरे-भरे पेड़ों और वनोत्पाद के लिए प्रसिद्ध खूंटी जिले का जनजातीय समुदाय शुरू से ही वनों पर आधारित उत्पादों से अपनी […]Read More






