बुन्देलखंड की वीरभूमि महोबा में एक ऐसा अद्भुत स्थान है जहां से घोड़े में सवार होकर निकलने पर मनाही है। इस स्थान के पास आते ही घोड़े के पांव रुक जाते हैं। घोड़े से उतरकर घुड़सवार नमन करने के बाद ही आगे निकलता है। मान्यता भी है कि घोड़े से यदि कोई नहीं उतरा तो उसे आगे चलकर दंड भी मिल जाता है। यह स्थान हजारों साल पुराना है जिसके अतीत में तमाम रहस्य छिपे […]Read More
पूरी दुनिया में प्रवासी पक्षियों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। इससे पक्षी प्रेमियों की चिंता और निराशा दोनों बढ़ने लगी है। जलपाईगुड़ी क्षेत्र प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना रहा है। यहां की रहने वाली मौसमी दत्त पर्यावरण कार्यकर्ता और पक्षी प्रेमी हैं। “हिन्दुस्थान समाचार” से विशेष बातचीत में वह कहती हैं, ”मैं पहली बार 2004-05 में तीस्ता नदी पर बने बांध के पानी में आने वाले प्रवासी पक्षियों को देखने गई थी। यहां […]Read More
आईआईटी कानपुर का शोध दूर करेगा कैंसर और मस्तिष्क विकार
देश ही नहीं विश्व भर में कैंसर और मस्तिष्क विकार के रोगी बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए आईआईटी कानपुर के शोधार्थियों ने कड़ी मेहनत कर ऐतिहासिक शोध किया है, जो इलाज में अत्यअधिक लाभप्रद साबित होगा। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल साइंस में प्रकाशित हो चुका है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल गई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी) ने जी प्रोटीन-युग्मित रिसेप्टर्स (जीपीसीआर) और केमोकाइन रिसेप्टर डी-6 के अध्ययन के साथ बायोमेडिकल अनुसंधान […]Read More
पर्टिकुलर वल्नरेबल ट्राइबल ग्रुप (पीवीटीजी) यानी आदिम जाति के आदिवासी परिवारों को केन्द्र सरकार की पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत लाभ पहुंचाने के लिए देश में योजना लागू की गई है। जिसके अंतर्गत नर्मदा जिले में बसे कोटवालिया आदिम जाति को भी शामिल किया गया है। करीब सवा सौ साल पहले अंग्रेजों के शासनकाल में बॉम्बे प्रेसिडेंसी क्षेत्रों में कोटवालिया आदिम जाति महज 413 व्यक्ति थे। अब इनकी संख्या नर्मदा जिले में बढ़ कर 4676 […]Read More
‘सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ’ अभियान से बच्चों के अंदर बढ़
सिमडेगा जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत करने एवं उनकी उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किये गए अनोखे ‘सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ’ अभियान का असर दिख रहा है। इस अभियान से ना केवल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ रही है, बल्कि बच्चों में नेतृत्व क्षमता का भी विकास हो रहा है। सुबह आठ बजे स्कूल जाने के दौरान गांव-टोले में एक एक मॉनिटर के नेतृत्व में स्कूली बच्चे स्कूल […]Read More






