रक्षाबन्धन सामाजिक समरसता का पर्व: मुकुल कानिटकर
रक्षाबन्धन वास्तव में सामाजिक समरसता दिवस का पर्व है। इस पर्व का इतिहास वैदिक काल से जुड़ा हुआ है। हमारे भारत में हजारों प्राचीन संस्कृतियां हैं, जो समाज को प्रेरणा देने का कार्य करती है। रक्षाबंधन पर्व केवल भाई-बहन का नहीं बल्कि एक-दूसरे को बांधकर रक्षा का संकल्प होता है। जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता बखूबी निभाते हैं। यह बातें प्रयाग संगीत समिति के खचाखच भरे आडीटोरियम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में […]Read More






