प्रयागराज, 26 फरवरी 2025: महाकुंभ, भारतीय संस्कृति और धर्म का सबसे बड़ा पर्व, इस वर्ष अपने समापन की ओर बढ़ते हुए एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर एक ब्लॉग लिखकर महाकुंभ की महिमा, उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत, और समाज में एकता के प्रतीक के रूप में इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र के लोग एकजुट […]Read More
यूपी: फरवरी के महीने में मार्च जैसी गर्म हवाएं, वाराणसी
23 फ़रवरी। उत्तर प्रदेश (यूपी) में फरवरी के महीने में गर्मी का दौर शुरू हो गया है, जो आमतौर पर मार्च महीने में देखने को मिलता है। इस साल फरवरी में तापमान असामान्य रूप से बढ़ गया है, जिससे राज्य के लोगों को चौंकाने वाला अनुभव हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय राज्य में गर्म हवाएं चल रही हैं, और यह फरवरी में गर्मी का एक अनोखा मंजर है। विशेष रूप से वाराणसी, […]Read More
जेपी नड्डा ने संगम में लगाई डुबकी: उत्तर प्रदेश में
प्रयागराज, 22 फरवरी 2025: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जगत प्रकाश नड्डा ने आज प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला क्षेत्र में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। यह एक धार्मिक और आस्थापूर्ण घटना थी, जो नड्डा के भक्तिपूर्ण विश्वास और कुंभ मेले के महात्म्य को दर्शाती है। उन्होंने संगम में स्नान करके आशीर्वाद प्राप्त किया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक क्रियाओं में हिस्सा लिया। कुंभ मेला में आस्था […]Read More
गंगाजल की रिपोर्ट पर वैज्ञानिकों ने उठाए सवाल, कहा- अधूरी…
22 फ़रवरी गंगा नदी, जो भारत की सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण नदियों में से एक मानी जाती है, न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि पर्यावरण और मानव जीवन के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गंगा नदी का जल न केवल पूजा-पाठ के लिए उपयोग किया जाता है, बल्कि लाखों लोग इसका पानी पीने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, समय के साथ गंगा के जल में प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। […]Read More
144 साल बाद का महाकुंभ: आस्था, अफवाह और अव्यवस्था, 144
16 फ़रवरी दिल्ली। महाकुंभ…धर्म और आस्था का महासंगम! गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर मोक्ष की प्राप्ति की इच्छा रखने वाले करोड़ों श्रद्धालु इस महाआयोजन का हिस्सा बनने के लिए हर बार उमड़ पड़ते हैं। लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ-144 साल बाद के “अमृत स्नान” की अफवाह ने इसे और भीड़भाड़ वाला बना दिया। 144 साल का गणित या एक मनगढ़ंत कहानी? शास्त्रों में कहीं भी “144 साल बाद के अमृत स्नान” का […]Read More






