घोसी ! वोटर, नेता, सत्ता, विपक्ष व प्रशासन के ईमानदारी
किसी भी कार्य को सुचितापूर्वक सफल बनाने के लिए उसमें शामिल हर व्यक्ति का ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्य को निभाने की ज़िम्मेदारी होती है। अगर सामूहिक कार्य में शामिल एक भी व्यक्ति, चाहे वह कोई हो, अपने कर्तव्य धर्म से विमुख हुआ उसकी ईमानदारी पर प्रश्न चिन्ह लगना तय है और भले ही उसे अपने अधिकार, कर्तव्य, धर्म, ईमानदारी, संस्कार से पथभ्रमित होने का बोध न हो, लेकिन उस व्यक्ति पर उँगली हर जनमानस के […]Read More






