ईद-उल-अजहा के मौके पर गुरुवार को महानगर समेत जिले के 195 मस्जिदों व ईदगाहों में नमाज अता की गई। देश में अमन व चैन के लिए एक साथ हजारों हाथ दुआओं के लिए उठे और सभी ने देश में अमन शांति कायम की दुआ मांगी। ईद-उल-अजहा कुरबानी के त्योहार बकरीद के अवसर पर नगर में मुस्लिम वर्ग में उत्साह रहा। सुबह साढ़े सात बजे जिले की 170 मस्जिदों व 25 ईदगाहों पर मुस्लिम समुदाय के […]Read More
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कानपुर : बड़ी ईदगाह में शांतिपूर्वक बकरीद की नमाज सम्पन्न
बेनाझाबर बड़ी ईदगाह में सुबह शांतिपूर्ण तरीके से नमाजियों ने बकरीद की नमाज पढ़ी। बकरीद की नमाज को सकुशल सम्न्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर बिजली पानी और साफ सफाई के सभी इंतजाम दुरुस्त किए गए। संबंधित विभागों के अधिकारियों समेत कर्मचारियों की ड्यूटी को सुनिश्चित कर दिया गया है। गुरुवार सुबह पांच बजे यातायात डायवर्जन कर दिया गया। नमाज के समापन तक लागू रहेगा। […]Read More
उत्तर प्रदेश के ईदगाहों, मस्जिदों में अदा की गयी ईद-उल-अजहा
ईद-उल-अजहा के मौके पर उत्तर प्रदेश की ईदगाहों, मस्जिदों में नमाज अदा की गयी। मुस्लिम धर्म के प्रमुख त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) को शांतिपूर्ण और सौहार्द के साथ मनाए जाने के लिए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था (विशेष) प्रशांत कुमार लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से लगातार नजर बनाए रहे। आगरा में ताजमहल के सामने खुले स्थान में नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम धर्म के बड़ी संख्या में लोगों का जुटना हुआ। नमाज अदा करने […]Read More
अनुकरणीय है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, दहेज प्रथा पर लगेगा
आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी चिंता बेटी के हाथ पीले करने यानी शादी की होती है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गत छह वर्ष से उनकी यह चिंता दूर हो गई है। अकेले मीरजापुर में योगी सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2017 से अब तक 3824 आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों के हाथ पीले करा चुकी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की […]Read More
विभिन्नता में एकता का अद्भुत उदाहरण है भारत : डॉ
उत्तर भारतीय एवं दक्षिणी भाषाओं के बीच निरंतर संवाद होना भारतीय उत्कर्ष ही नहीं अस्मिता के लिए भी आवश्यक है। सुखद यह है कि यह संवाद विभिन्न अवसरों पर चल रहा है। विभिन्नता में एकता का अद्भुत उदाहरण है भारत, यही हमारी सम्पत्ति है। तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम से हिन्दी में तथा हिन्दी से इन भाषाओं में अनुवाद निरंतर हो रहे हैं। उक्त विचार मुख्य अतिथि गोण्डा के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सूर्यपाल सिंह ने गांधी […]Read More






