मलयालम भाषा विधेयक 2025: भाषाई वर्चस्व के आरोपों और संवैधानिक
केरल सरकार द्वारा पेश किए गए ‘मलयालम भाषा विधेयक 2025’ ने दक्षिण भारत की राजनीति में एक नई भाषाई बहस छेड़ दी है। कर्नाटक समेत कई पड़ोसी राज्यों में इस विधेयक को लेकर तीव्र विरोध प्रदर्शन और चिंताएं देखी जा रही हैं। आलोचकों और विपक्षी दलों का आरोप है कि केरल सरकार इस कानून के माध्यम से राज्य में रहने वाले गैर-मलयालम भाषियों पर जबरन अपनी भाषा थोपना चाहती है। विशेष रूप से कर्नाटक सरकार […]Read More






