श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में रविवार को स्थापित देवताओं का दैनिक पूजन, हवन, पारायण, आदि कार्य, प्रातः मध्वाधिवास, मूर्ति का 114 कलशों के विविध औषधीयुक्त जल से स्नान, महापूजा, उत्सवमूर्ति की प्रासाद परिक्रमा, शय्याधिवास, तत्लन्यास, महान्यास आदिन्यास, शान्तिक-पौष्टिक – अघोर होम, व्याहति होम, रात्रि जागरण, सायं पूजन एवं आरती होगी। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सूत्रों ने बताया कि अनुष्ठान नवीन मंदिर के ईशान कोण पर बने यज्ञ मंडप्प और नवीन राम मंदिर […]Read More
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सन्यास परम्परा में हमारे दादा गुरू स्वामी शांतानन्द महाराज और मेरे गुरूदेव जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती जो वरिष्ठ ट्रस्टी हैं। मैं आन्दोलन की दृष्टि से तीसरी पीढ़ी से हूं। यह बातें अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने एक साक्षात्कार में कही। प्रस्तुत है हिन्दुस्थान समाचार के वरिष्ठ संवाददाता बृजनन्दन राजू से उनकी बातचीत के संक्षिप्त अंश। राम मंदिर आन्दोलन के लिए आपने संघर्ष किया है। प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही […]Read More
अब स्मृति-जागृत भारत अपने मन और काया पर आघात नहीं
भाजपा के पूर्व राज्सभा सांसद एवं पांचजन्य के पूर्व संपादक तरूण विजय ने कहा कि अयोध्या की उन गलियों से गुजरते हुए जहां इन आंखों ने नब्बे-बयानबे में हिंदू नेताओं की हिंदू पुलिस द्वारा रक्तरंजित कारसेवक संहार देखा था आज भी सिहरन होती है, आंखें विस्फारित होकर राम-शरद कोठारी के चित्र देखती हैं उनके अधरों से निकले जय सिया राम के स्वर सुनायी देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत जागृत हो गया है। अब स्मृति-जागृत […]Read More
राम मंदिर उद्घाटन वाले दिन बंगाल में नहीं रहेगी छुट्टी!
सोमवार 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन देश के कई राज्यों ने छुट्टी की घोषणा की है। कई बड़े संस्थानों में भी छुट्टियां रहेंगी। इसे लेकर बंगाल भाजपा ने भी राज्य सरकार से राज्य में छुट्टी की मांग की थी, लेकिन इस पर सरकार ने चुप्पी साथ रखी है। इस बीच राज्य सचिवालय के एक अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है की छुट्टी के बारे में कोई निर्देश नहीं […]Read More
आज विश्व राममय है। केवल भारत ही नहीं, दुनिया भर श्रीराम की चर्चा है। श्रीअयोध्या जी की चर्चा है और लोग मांग रहे हैं श्रीरामचरित मानस। वह मानस जिसके लिए स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिख दिया-रचि महेश निज मानस राखा ।। इस मानस की आस्था को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ठीक से जानते थे। इसीलिए उन्होंने संघ की स्थापना के संकल्प में कहा था कि राष्ट्र को एक सूत्र […]Read More






