भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन में अपने करीबी मित्र देशों जैसे बांग्लादेश, मारीशस, संयुक्त अरब अमीरत वगैरह को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित करके मित्र धर्म का निर्वाह किया। भारत-बांग्लादेश के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, हालांकि कभी-कभी सीमा विवाद तो होते ही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद के बीच मधुर संबंधों के चलते दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा मिल रही है। ये दोनो […]Read More
एक राष्ट्र-एक चुनाव फिलहाल ‘शिगूफा’ से कम नहीं। प्रश्न क्या ‘एक राष्ट्र एक चुनाव नीति’ को लागू करना जरूरी है, उससे पहले यह यक्ष प्रश्न उत्पन्न होता है कि क्या सरकार वास्तव में इस संबंध में गंभीर है? यदि वास्तव में कोई संशोधन बिल लाना ही चाहती होती तो, सरकार उक्त उद्देश्य को इस विशेष सत्र बुलाने की घोषणा में समावेश कर लेती। जैसा कि पूर्व में जब-जब विशेष सत्र बुलाए गए हैं, तो उनके […]Read More
दुनियाभर में तेजी से बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 10 सितम्बर को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से ‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत ‘इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन’ (आईएएसपी) द्वारा 2003 में की गई थी। इन दिन एक पीले रंग के रिबन को प्रतीक के रूप में पहना जाता है, जो इस बात को फैलाने में मदद करने के लिए पहना जाता […]Read More
देश के नाम को लेकर अच्छी खासी बहस चल पड़ी है। भारत अति प्राचीन नाम है। इस नामकरण के पीछे अनेक कथाएं भी चलती हैं। संविधान सभा में 18 सितंबर, 1949 के दिन बहस हुई थी। हरिविष्णु कामथ ने भारत, हिन्दुस्तान, हिन्द भरत भूमि और भारतवर्ष आदि नाम का सुझाव देते हुए दुष्यंत पुत्र भरत की कथा से भारत का उल्लेख किया। मद्रास के केएस सुब्बाराव ने भारत को प्राचीन नाम बताया और कहा कि, […]Read More
वर्तमान में पाकिस्तान में जिस प्रकार के स्वर मुखरित हो रहे हैं, उसके निहितार्थ लगाए जाएं तो यही परिलक्षित होता है कि पाकिस्तान की जनता अब अपने ही उन नीति नियंताओं का विरोध करने पर उतारू हो गए हैं, जिन्होंने पाकिस्तान बनाने का मार्ग प्रशस्त किया था। पाकिस्तान के निर्माण के साथ ही राजनीतिक दुष्चक्र में गोता लगाने वाले पाकिस्तान के शासकों ने केवल अपने हित की राजनीति को ही प्रधानता दी। जिसके कारण न […]Read More





