कई वर्षों बाद काशी में 15 सितम्बर को भगवान विश्वनाथ के दर्शन मुझे हुए। शिवलिंग को स्पर्श करने का पुण्य मिला। संवेदना जगी। जितनी बार काशी गया था, दर्शन के प्रयास में सफल नहीं हुआ। जनरव, अपार भीड़, संकरे प्रवेश-मार्ग, गंदगी अलग। अब ऐसा कुछ भी नहीं। साफ-सुथरा। तिरुपति-तिरुमला से भी अधिक सुरम्य, सुविधाजनक। स्थानीय सांसद नरेन्द्र दामोदरदास मोदी के सौजन्य और प्रयासों से। प्रवेश गेट पर सुरक्षा गार्ड ने मेरी तलाशी ली। जेबी कंघी […]Read More
हिन्दी दिवस सप्ताह दिवस पर हिन्दी का हालचाल जानना बेहद जरूरी है। विश्व में करीब तीन हजार भाषाएं हैं। इनमें से हिन्दी ऐसी भाषा है, जिसे मातृभाषा के रूप में बोलने वाले दुनिया में दूसरे स्थान पर हैं। मातृभाषा की दृष्टि से पहले स्थान पर चीनी है। बहुभाषी भारत के हिन्दी भाषी राज्यों की जनसंख्या 46 करोड़ से अधिक है। 2011 की जनगणना के मुताबिक भारत की 1.2 अरब जनसंख्या में से 41.03 प्रतिशत की […]Read More
वैश्विक स्तर पर सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित करने की दृष्टि से महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य में निवेश करना बेहद महत्वपूर्ण है। हर वर्ष, सभी जी20 देशों में कुल मिलाकर लगभग दो मिलियन माताओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और किशोरों की मौतें होती हैं। इनमें मृत बच्चों का जन्म भी शामिल है। इन सभी मौतों को रोका जा सकता है। हाल के वर्षों में, इन नकारात्मक परिणामों के प्रमुख कारकों में “चार सी” शामिल हैं: […]Read More
अनुमान किया जा रहा है कि इक्कीसवीं सदी में विश्व-पटल पर भारत और चीन देशों की मुख्य भूमिका हो सकती है। वे कई परिवर्तनों की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट करते हैं। संचार माध्यमों के तीव्र विस्तार के साथ कई अर्थों में ‘विश्व-व्यवस्था’ और ‘विश्व-गाँव’ जैसे जुमले वास्तविकता का आकार ले रहे हैं। व्यापार-वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए नए किस्म की जरूरतें पैदा हो रही हैं। अपने हितों को देखते हुए अनेक बहुराष्ट्रीय कम्पनियां भारत […]Read More
युवाओं के प्रेरणास्रोत तथा आदर्श व्यक्तित्व के धनी स्वामी विवेकानंद को उनके ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण ही जाना जाता है। सही मायनों में वे आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि थे। विशेषकर भारतीय युवाओं के लिए तो भारतीय नवजागरण का अग्रदूत उनसे बढ़कर अन्य कोई नेता नहीं हो सकता। कोलकाता में 12 जनवरी 1863 को जन्मे स्वामी विवेकानंद अपने 39 वर्ष के छोटे से जीवनकाल में समूचे विश्व को अपने अलौकिक विचारों की ऐसी […]Read More





