नई दिल्ली, 22 जुलाई । गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन और सिफारिशें ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए पोर्टल 15 सितंबर 2024 तक खुला रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि गणतंत्र दिवस, 2025 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार 2025 के लिए नामांकन एवं सिफारिशें 1 मई 2024 से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के […]Read More
हिमघर से नहीं निकल रहे आलू, दाम और बढ़ने की
हुगली, 22 जुलाई । प्रगतिशील आलू व्यवसायी समिति की हड़ताल के कारण सोमवार सुबह से राज्य के हिमघरों से आलू नहीं निकल रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक सोमवार से बाजार में आलू की सप्लाई कम हो जाएगी। शनिवार को हिमघरों से निकाले गए आलू बाजार में लगभग खत्म होने के कगार पर हैं। यानी सोमवार से ज्यादातर बाजारों में आलू की कमी देखने को मिलेगी। ऐसे में आलू की कीमत बढ़ने की आशंका है। प्राप्त […]Read More
सोनीपत: पर्यावरण संरक्षण के लिए गुमड़ में 1500 फलदार पौधों
पौधों को लगाकर हम अपना जीवन बचाते हैं: रविन्द्र पहल सोनीपत, 21 जुलाई । सावन मास की पूर्णिमा के दिन, ग्राम गुमड़ में बाबा शंकरनाथ इको क्लब द्वारा 1500 फलदार पौधों का वितरण किया गया। इनमें आम, नाशपाती, जामुन, चीकू, नींबू, अमरूद, लीची और आलूबुखारा शामिल थे। ये 1500 पौधे लाडवा और नबिपुर से लाए गए थे, जिनकी कुल कीमत 1,50,000रुपये थी। ये पौधे अंबाला नर्सरी के सहयोग से वितरित किए गए। पूर्व सरपंच रविन्द्र […]Read More
गुरु पूर्णिमा: स्वत्व और स्वाभिमान के साथ व्यक्तित्व निर्माण के
रमेश शर्मा गुरु पूर्णिमा अर्थात अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर की और यात्रा और व्यक्ति से लेकर राष्ट्र तक स्वाभिमान जाग्रत कराने वाले परम प्रेरक के लिये नमन् दिवस। जो हमें अपने आत्मबोध, आत्मज्ञान और आत्म गौरव का भान कराकर हमारी क्षमता के अनुरूप जीवन यात्रा का मार्गदर्शन करें वे गुरु हैं। वे मनुष्य भी हो सकते हैं और कोई प्रतीक भी । संसार में कोई अन्य प्राणी भी, ज्ञान दर्शन […]Read More
(गुरु पूर्णिमा/21जुलाई/ विशेष) गुरु की प्रतिष्ठा स्थापित हो!
गिरीश्वर मिश्र आज की दुनिया में गूगल गुरु, चैट जी पी टी, सिरी, इलेक्ट्रा आदि-आदि छोटे बड़े अनेक कृत्रिम मेधा (एआई) वाले गुरु दस्तक दे चुके हैं। उनकी भरमार होने के बावजूद गुरु जी, मास्टर जी, उस्ताद जी, और सर अभी भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं । उनसे जो विद्यार्थी को जो जीवंत संस्पर्श मिलता है उसका कोई विकल्प नहीं है। गुरु से दीक्षा, निर्देश पाने और पाठ पढ़ने का अपना ही रस और आकर्षण […]Read More






