बजट 2026-27: गांव, गरीब और किसान पर सबसे बड़ा फोकस! VB-G RAM G को मिला 95,692 करोड़, PM-KISAN और आयुष्मान भारत भी टॉप प्राथमिकता में
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026-27 ने एक बार फिर साफ संकेत दिया कि सरकार की प्राथमिकता का केंद्र गांव, गरीब और किसान ही हैं। बजट में रोजगार, खेती, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को चार प्रमुख स्तंभ बनाया गया है। महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच आम नागरिक की जेब और जिंदगी पर सीधा असर डालने वाली योजनाओं को सबसे ज्यादा बजट आवंटन मिला है।
आइए जानते हैं बजट में सबसे ज्यादा फंड वाली प्रमुख योजनाएं और उनका फायदा किसे पहुंचेगा:
VB-G RAM G (पूर्व में मनरेगा) – सबसे बड़ा आवंटन बजट: 95,692.31 करोड़ रुपये (पिछले साल से काफी अधिक)
अतिरिक्त: प्रोग्राम कंपोनेंट के लिए अलग से 30,000 करोड़ रुपये
फायदा: ग्रामीण मजदूरों, बेरोजगार परिवारों और गांवों में सड़क, तालाब, नहर, जल संरक्षण जैसे छोटे-मोटे विकास कार्यों को मिलेगा। यह योजना ग्रामीण रोजगार गारंटी की रीढ़ बनी हुई है और इस बार इसे बजट की नंबर-वन योजना का दर्जा मिला है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) बजट: 63,500 करोड़ रुपये
फायदा: छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सीधी नकद सहायता। खेती के जरूरी खर्चों में मदद मिलती है और बाजार की अनिश्चितताओं से कुछ सुरक्षा प्रदान करती है। भले ही राशि में कोई बड़ी बढ़ोतरी न हो, लेकिन यह किसानों के लिए स्थिर आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनी हुई है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना बजट: 9,500 करोड़ रुपये
फायदा: गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज। गंभीर बीमारियों के बढ़ते खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) बजट: 2.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक
फायदा: करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त और सस्ता राशन उपलब्ध कराना। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली यह योजना महंगाई के दौर में थाली की सुरक्षा के लिए सबसे अहम कवच बनी हुई है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में जोर दिया कि ये योजनाएं न केवल राहत पहुंचाती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। बजट का कुल फोकस आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047
के लक्ष्य को हासिल करने पर केंद्रित रहा है, जिसमें आम आदमी की जिंदगी को बेहतर बनाने वाली योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उनके असर पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।