बदायूं में भाजपा नेता की बर्बर हत्या: ईंट से कुचला गया सिर, शव देखकर दहशत में लोग
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। बिनावर थाना क्षेत्र के विजय नगला गांव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंडल उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र गुप्ता की धारदार हथियार से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनके सिर को ईंट से कुचल दिया, जिससे शव की हालत देखकर स्थानीय लोग सन्न रह गए। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हत्या का भयावह विवरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 45 वर्षीय सुरेश चंद्र गुप्ता मंगलवार रात अपने ट्यूबवेल पर सो रहे थे, जब अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। हमलावरों ने न केवल उन्हें गंभीर रूप से घायल किया, बल्कि उनके सिर को ईंट से कुचलकर हत्या को और भी बर्बर बना दिया। घटना की सूचना मिलते ही बिनावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शव की हालत इतनी भयावह थी कि उसे देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई।सुरेश चंद्र गुप्ता न केवल भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे, बल्कि भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) से भी जुड़े हुए थे। उनकी सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता के कारण वह स्थानीय स्तर पर काफी प्रभावशाली थे, जिसके चलते इस हत्या को सियासी रंजिश से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
बदायूं पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। बिनावर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे व्यक्तिगत या राजनीतिक रंजिश की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में ठोस सुराग मिल सकते हैं।पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदायूं ने कहा, “हम सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं। यह एक गंभीर मामला है, और हम दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्थानीय लोगों से भी अपील है कि वे कोई भी जानकारी हो तो पुलिस के साथ साझा करें।
सियासी रंजिश की आशंका
सुरेश चंद्र गुप्ता की हत्या को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह हत्या राजनीतिक रंजिश का नतीजा हो सकती है, क्योंकि सुरेश चंद्र गुप्ता भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। भारतीय किसान यूनियन से उनका जुड़ाव भी इस मामले को और जटिल बना रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि हत्या के पीछे सियासी मकसद है या निजी दुश्मनी।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
इस हत्या की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर फैली, लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। X पर कई यूजर्स ने इस घटना की निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “बदायूं में भाजपा नेता की इतनी बर्बर हत्या और सरकार चुप है? यह कहां का कानून है?” एक अन्य यूजर ने लिखा, “सुरेश चंद्र गुप्ता जैसे कार्यकर्ता की हत्या बेहद निंदनीय है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
स्थानीय लोगों में दहशत
विजय नगला गांव और आसपास के इलाकों में इस हत्या के बाद तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी क्रूरता से की गई हत्या ने उन्हें डरा दिया है। कुछ लोगों ने बताया कि सुरेश चंद्र गुप्ता सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और उनकी किसी से कोई खास दुश्मनी की बात सामने नहीं आई थी। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। एक स्थानीय भाजपा नेता ने कहा, “सुरेश चंद्र गुप्ता हमारे संगठन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। उनकी हत्या न केवल हमारे लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा नुकसान है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस मामले की गहन जांच हो और दोषियों को तुरंत सजा दी जाए।” पार्टी ने इस घटना के विरोध में स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन की भी योजना बनाई है।निष्कर्षबदायूं में हुई इस बर्बर हत्या ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे को गरमा दिया है। सुरेश चंद्र गुप्ता की हत्या ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं, और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलेगी।