हर्ष फायरिंग से डॉक्टर की मौत: बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की जेल, कोर्ट ने लगाया ₹25 लाख का जुर्माना
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहिबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या के मामले में चार साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 31 दिसंबर 2018 को नई दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग से जुड़ा है, जिसमें डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी।
चार साल की जेल और 25 लाख रुपये का जुर्माना
कोर्ट ने राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) का दोषी मानते हुए चार साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत उन्हें दो महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भी दी गई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि मृतका के पति विकास गुप्ता को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। यदि यह राशि जमा नहीं की जाती है, तो विधायक को तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
प्रोबेशन पर रिहाई की मांग हुई खारिज
सजा सुनाए जाने से पहले विधायक की ओर से अच्छे आचरण के आधार पर प्रोबेशन पर रिहाई की मांग की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि राजू कुमार सिंह छह बार के विधायक रहे हैं और इससे पहले कभी किसी मामले में दोषी नहीं ठहराए गए। उनके वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने न तो किसी गवाह को प्रभावित किया और न ही जांच में बाधा डाली। साथ ही उनके वृद्ध माता-पिता और सामाजिक पृष्ठभूमि का भी हवाला दिया गया। राजू कुमार सिंह ने भी अदालत से कम से कम सजा देने की अपील करते हुए कहा, “मैंने कभी जानबूझकर कोई गलत काम नहीं किया। मृतका मेरे भाई के दोस्त की पत्नी थीं और मैं उन्हें भाभी कहता था।”
क्या था पूरा मामला?
31 दिसंबर 2018 की रात फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान कथित तौर पर राजू कुमार सिंह ने हर्ष फायरिंग की थी। इसी दौरान चली गोली डॉक्टर अर्चना गुप्ता को लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। अर्चना अपने पति विकास गुप्ता के साथ पार्टी में शामिल होने पहुंची थीं। यह कार्यक्रम विधायक के भाई की ओर से आयोजित किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधायक को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।