Asaduddin Owaisi on INDIA Alliance Rally: ‘मुझे रैली से कोई मतलब नहीं’, SIR पर ओवैसी का अलग रुख, बोले- मुसलमान अब दरी नहीं बिछाएगा
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है। विपक्षी दल इस रैली के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और गठबंधन के अन्य नेताओं ने भी विपक्षी दलों तथा कार्यकर्ताओं से इसमें शामिल होने की अपील की है। हालांकि, ओवैसी ने साफ कहा है कि उनका इस रैली से कोई लेना-देना नहीं है और SIR के खिलाफ उनकी लड़ाई अलग है।
‘SIR पर मेरी लड़ाई अलग है’, INDIA गठबंधन की रैली से बनाई दूरी
असदुद्दीन ओवैसी ने INDIA गठबंधन की रैली को लेकर कहा कि वह इस कार्यक्रम से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर वह अदालत में लड़ाई लड़ रहे हैं।
ओवैसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और चयन प्रक्रिया के साथ-साथ उन्हें दिए गए कानूनी संरक्षण पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, वह इन दोनों व्यवस्थाओं के खिलाफ अपना विरोध जता चुके हैं।
इस बयान से साफ है कि SIR को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद ओवैसी ने INDIA गठबंधन की रैली से दूरी बनाए रखने का रुख अपनाया है।
‘मुसलमान अब दरी नहीं बिछाएगा’, यूपी की राजनीति पर भी बोले ओवैसी
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर बोलते हुए AIMIM प्रमुख ने समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा के मुस्लिम नेता मुसलमानों की कयादत करने के बजाय पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े रहते हैं।
ओवैसी ने कहा, ‘मुसलमान अब दरी नहीं बिछाएगा।’ उन्होंने कैराना की सांसद इकरा हसन और विधायक नाहिद हसन का जिक्र करते हुए भी टिप्पणी की। ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अपनी राजनीतिक ताकत खड़ी करनी चाहिए और उन्हें हर जगह से चुनाव लड़ने का अधिकार है।
उनका यह बयान उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अलग नेतृत्व की बहस को फिर सामने लाता है।
जामिया और JNU के मुद्दे पर क्या बोले ओवैसी?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से जुड़े नारों के मुद्दे पर ओवैसी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि आपत्तिजनक नारे लिखे गए हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान होनी चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।
ओवैसी ने विश्वविद्यालयों के कुलपति और रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से संबंधित हैं। यह आरोप ओवैसी का है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
शरजील इमाम के मामले पर बोले- ‘इंसाफ करना कोर्ट का काम’
शरजील इमाम के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा कि किसी व्यक्ति की विचारधारा से असहमति होने का मतलब यह नहीं है कि उसे न्याय से वंचित कर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई अदालत में होने देनी चाहिए और न्याय करने का काम न्यायपालिका का है। ओवैसी ने इस बात पर जोर दिया कि किसी व्यक्ति के विचारों के आधार पर उसके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
INDIA गठबंधन की रैली से पहले विपक्षी राजनीति में अलग-अलग रुख
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली का मुख्य मुद्दा SIR और कथित वोट चोरी रहेगा। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि ओवैसी ने इस मुद्दे पर अपनी अलग कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की बात कही है।
ऐसे में उनकी टिप्पणी विपक्षी दलों के बीच SIR के विरोध को लेकर रणनीति और राजनीतिक प्राथमिकताओं में अंतर को सामने लाती है।
